मूर्च्छा!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छा–Muurchchha. Unconsciousness, Delusion, Attachment, Worldly, Worldly involvement. बेहोशी, मोह, जैनागमानुसार ‘मूर्च्छा’ परिग्रह या ममत्व भाव है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छा–Muurchchha. Unconsciousness, Delusion, Attachment, Worldly, Worldly involvement. बेहोशी, मोह, जैनागमानुसार ‘मूर्च्छा’ परिग्रह या ममत्व भाव है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठासार संग्रह- एक प्रतिश्ठा सम्बन्धी ग्रंथ का नाम। pratisthasara samgraha – name of ritual treatise
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठापना शुद्धि- देष व काल को जानकर नख, रोम, नाक, थमक, वीर्य, मल, मूत्र या देह परित्याग में जन्तु बाधा का परिहार करके प्रवृत्ति करना। pratisthapana suddhi – careful act of excretion
द्विचरमकाल The time less than one Samay than the ultimate time. अंतिम समय से एक समय पूर्व का काल द्विचरमकाल कहलाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वयर्धगुणहानि A type of decreasing series. गुणहानि आयाम को ड्योढ़ा (द्वयर्ध) करने पर जो प्रमाण प्राप्त हो। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश उदय- प्रकृति, स्थिति आदि की अपेक्षा उदय का एक भेद; कर्म प्रदेषों का उदय में आना। pradesa udaya – manifestation of karmic space points
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोगज परिणाम- आदिमान पिरणाम का एक भेद; जो परिणाम बाह्म निमित पर आश्रित हों । जैसे- ज्ञान,शील, भावना आदि का गुरु उपदेष के निमित से होना, अचेतन मिट्टी आद का कुम्हार आदि के प्रयोग से घटरुप परिणमन आदि। PrayogajaParinama- Results of practical experiments (like knowledge gained from preaching etc)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयकमलमार्तड- उचाईं मधिक्यनन्दि (ई. 925-1023) कृत परीक्षामुख पर आचार्य प्रमानन्द ( ई. 950-1020) कृत एक टीका। इसकी हिन्दी दिसा गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से उनकी षिश्या आर्यिका श्री जिनमती माताजी ने की है। (समयबीसवीं ससदी का उŸाराद्ध)। Prameyakamalamartanda- A book written by acharyaprabhachand
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमाद प्रत्यय- कर्म बंध के 5 कारणों में एक कारण; षुभ कार्यो में आलस्य करना। PramadaPratyaya- carelessness in auspicious activities