तिर्यग्त्रिक!
तिर्यग्त्रिक A triplet related to Tiryanch beings. तिर्यचगति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यंच आयु। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यग्त्रिक A triplet related to Tiryanch beings. तिर्यचगति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यंच आयु। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थाधिगम – Svaarthaadhigama. Self knowledgeable approach. अधिगम के दो भेदो मे एक भेद, यह ज्ञान स्वरुप है जो प्रमाण और नय भेदो वाला है।
तिर्यग्व्तिक्रम Exceeding the limits set in the direction, namely horizontally. दिग्व्रत का एक अतिचार, समान धरातल में की गई सीमा का उल्लंधन करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाद्य – Svadya. Worth tasting, appetizing. आहार के 4 भेदो मे एक भेद। मुख का स्वाद बदलने के लिए खाने वाले लौग, इलायची आदि पदार्थ स्वाद्य कहलाते है।
ताल Pond (tank), The palm tree, Name of a musical instrument (a kind of cymbal). तालाब , ताड का वृक्ष , एक धनवपाद्य (मंजीरा)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांसारिक दुःख – Saansaarika Duhkha. Worldly affictions or troubles. लौकिक विषयों से उत्पन्न दुःख अर्थात् भोगसाधनात्मक भोगो का वियोग होने से जो दुःख उत्पन्न होता है। संसारी जीवों का इन्द्रिय सुख वासना जनित होने के कारण होने के कारण दुःखमय ही है क्योंकि आपत्त्किाल मे भोग व रोग चित्त मे उद्वेग करने वाले है।
तारक A type of peripatetic deities, Name of the 2nd Pratinarayan. पिशाच जातीय व्यंतर देवों का एक भेद, वर्तमान काल का द्वितीय प्रतिनारायण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहायक कारण – Sahaayaka Kaarana. A helping cause. एक कारण । जो स्वयं कार्यरूप परिणाम वह उपादान कारण है तथा उसमें सहयक होने वाले पर द्रव्य व गुण निमित्त सहायक कारण है। इसे बलाधान या उदासीन निमित्त भी कहते है।
ताड़पत्र Palm leaf, leaves of Palm tree (used for writing scriptures in ancient times). ताड़वृक्ष के पत्ते , जो प्राचीन काल में लिखने के काम आते थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पौराणिक राजवंश – Pauranika Rajavansha. Ancient dynasties like lkshvaku, Ugra, Kuru etc. इक्ष्वाकु वंश, उग्र्वंश, सुर्यवंश, कुंरुवंश, नाथवंश इत्यादि समस्त पौराणिक वंश कहलाते हैं “