चन्द्रनखा!
चन्द्रनखा Preceptor of Bhagvati Aradhanakar Shivarya, Preceptor of Kumarnandi. रत्नश्रवा की पुत्री और रावण की बहन जिसने रावण की मृत्यु पर दीक्षा धारण की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चन्द्रनखा Preceptor of Bhagvati Aradhanakar Shivarya, Preceptor of Kumarnandi. रत्नश्रवा की पुत्री और रावण की बहन जिसने रावण की मृत्यु पर दीक्षा धारण की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृषापाप–Mrashapaap. To speak a lie, a sin. 5 पापो में दूसरा पाप–असत्य भाषण या झूठ बोलना”
गोत्र Race, Clan, An exogamous subdivision of a caste. संतानक्रम से चला आया आचरण जो उच्च और नीच कहा जाता है या उच्च-नीच कुल में उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावयोग – Bhavayoga. Subjective (psychical) vibration. मन वचन काय से संयुक्त संसारी जीव के अंगोपांग व शरीर नाम कर्म के उदय से जीव की वह शक्ति जो कर्म व नोकर्म को ग्रहण करती है “
आनंदवती Name of the queen – the wife of 7th Narayan ‘Datta’. सातवें नारायण दत्त की वर्तमान भव की पटरानी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आनंद पाहुड़ Literature devoid of spiritual knowledge. राग-द्वेष रहित जिन भगवान द्वारा निर्दिष्ट निर्दोष आचार्य परम्परा से प्राप्त 12 अंगों के वचनों का समुदाय अथवा उनका एकदेश परमानंद दो ग्रन्थिक पाहुड़ है उसके अतिरिक्त शेष जिनागम आनन्द पाहुड़ है। (कषाय पाहुड़ से)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव – Vibhava. Passionate feelings ( i.e feelings contrary to real nature ) due to the fruition of Karmas. कर्मों के उदय से होने वाले जीव के रागादि भावों को विभाव कहते हैं “
गतिनामकर्म प्रकृति Karmic nature causing any Gati. जिस कर्म के उदय से जीव मनुष्य, तिर्यंच, देव व नरक गति को प्राप्त करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयातीत – Vishayatita. Supreme bliss. विषयों की निवृति से उत्पन्न होने वाला सुख अर्थात् संसार के विषयों से अतीत स्वाधीन अव्याबाध सुख “
गणधरवलय यन्त्र A type of metallic plate engraved with some auspicious and mystic words. धातु की एक मंत्र लिखित प्लेट ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]