वंदन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंदन –Vandan.: Reverential greeting . नमस्कार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषेक – Nisheka. Specific aggregate of Karmic molecules. एक समय में जितनी कर्म वर्गणाएं उदय मे आकर झडती है उनक समूह “
आनंदवती Name of the queen – the wife of 7th Narayan ‘Datta’. सातवें नारायण दत्त की वर्तमान भव की पटरानी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषंग – Nishanga. A quiver a case for holding arrows. तरकस, सैन्य सामग्री का एक अंग “
आनंद पाहुड़ Literature devoid of spiritual knowledge. राग-द्वेष रहित जिन भगवान द्वारा निर्दिष्ट निर्दोष आचार्य परम्परा से प्राप्त 12 अंगों के वचनों का समुदाय अथवा उनका एकदेश परमानंद दो ग्रन्थिक पाहुड़ है उसके अतिरिक्त शेष जिनागम आनन्द पाहुड़ है। (कषाय पाहुड़ से)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिकार – Shikaara. Hunting, one of the 7 evil habits. 7 व्यसनों में एक व्यसन, आखेट, जंगल के निरपराधी पशुओं को मारना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय श्रुतकेवली – Nishchaya Shrutakevali. Great saints, absolutely well-versed in scriptual knowledge. सर्व श्रुत को जानने वाले वीतरागीमुनि “
गतिनामकर्म प्रकृति Karmic nature causing any Gati. जिस कर्म के उदय से जीव मनुष्य, तिर्यंच, देव व नरक गति को प्राप्त करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शालि – Shali. A special type of rice. एक विशेष प्रकार का धान्य-चावल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्रतिक्रमण – Nishchaya Pratikranana. Absolute penitential retreat for good & bad Karmas. पूर्वकृत जो अनेक प्रकार के विस्तार वाले शुभ व अशुभ कर्म है, उनकों आत्मा से पृथक करके आत्मलीन होना ” यह मुनि अवस्था में ही घटित होता है “