शुद्धोपयोग्!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धोपयोग – Shuddhopayoga. Passionless right conductful inclination. रागद्वेषादि रहित आत्मा के सन्मुख उपयोग, स्वानुभवरुप भाव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धोपयोग – Shuddhopayoga. Passionless right conductful inclination. रागद्वेषादि रहित आत्मा के सन्मुख उपयोग, स्वानुभवरुप भाव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समकेन्द्रिय – Samakendriya. Those having same central point, concentric. एक ही केन्द्र हो जिनका।
त्यक्त ज्ञायक शरीर The body left with renouncement. नोआगम द्रव्य कर्म का एक भेद कर्मस्वरूप के जानने वाले जीव का संन्यास रूप परिणामों से छोडा गया शरीर । यह तीन प्रकार का है- भक्तप्रत्याख्यान , इंगिनी व प्रायोपगमन। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घोषावती A musical instrument-a supernatural lute. चार द्रव्यों वीणाओं मने एक वीणा विष्णुकुमार मुनि द्वारा उपसर्ग हटाये जाने पर देवों ने यह वीणा पृथ्वी पर रहने वालों को दी थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तृतीय काल A type of particular time period (plentitude-cum-penury). सुषमा दुषमा काला, इसमें जघन्य भोगभूमि की व्यवरूथा होती है। , [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गृहस्थाचार्य An ideal person of mundane life. जो गृहस्थों में विद्या, बुद्धि, प्रभाव, चारित्र में बड़ा हो व धार्मिक क्रिया करा सकता हो ऐसा उत्तम गृहस्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तृतीय भूमिका See – Tîsarî Bhýmikå. देखें- तीसरी भूमिका। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
घुना अन्न Cereals infested with worms or insects. अनेक ट्रक जीव और फूई इत्यादि लगा अन्न ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तिर्यग्योनि Form of Tiryanch beings i.e. the beings other than celestial, infernal and human beings. तिर्यचयोनि उपपाद जन्म वाले और मनुष्यों के अलावा शेष सभी एकेनिद्रय से पंचेन्द्रिय तक के जीव तिर्यंचयोनि वाले कहलाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणसंक्रमण Transition of karmic particles into different natures. समय समय गुणाकार के क्रम से कर्म परमाणु पलट कर अन्य प्रकृति रूप होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]