ग्रहण प्रायोग्य वर्गणा!
ग्रहण प्रायोग्य वर्गणा A type of aggregate of Karmic molecules. बंध के योग्य या बांधने पुद्गल वर्गणा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्रहण प्रायोग्य वर्गणा A type of aggregate of Karmic molecules. बंध के योग्य या बांधने पुद्गल वर्गणा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिवर्तन – योग सक्रान्ति प्रथम षुक्लध्यान में मन वचन काय योगो का पलटना। Yogaparivartana-Transition of all activities (related to mind speech & body) in auspicious & sacred mode
इतरनिगोद A type of Nigod related to 4 Gatis. जो नित्य निगोद से निकलकर अन्य पर्याय या जन्म धारण कर फिर निगोद में जाते हैं इसे चतुर्गति निगोद भी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्ममुख (हेत्वाभास) A fallacy in expressing self. स्ववचन बाधित। जैसे मेरी मां बाँझ है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इंद्रोपपाद An auspicious and sacred act (birth as an Indra by the effect of austerity). गर्भान्वयादि क्रियाओं में से एक-तप के प्रभाव से वैमानिक देवों में इन्द्र रूप से उत्पाद होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी व्रत – श्रीकृश्ण की पटरानी रूकमणी ने लक्ष्मीमती के भवन मे जो व्रत लिया था।भादों सुदी 8, 10, 12, 14 को उपवास 7, 9, 11, 13, 15 को चारणा इस तरह 8 वर्श तक करना।व्रत विधान संग्रह से उद्धृत । Rukmini Vrata-A specified procedural fasting
इंद्रिय विवेक Discrimination related to sensual aversion. इन्द्रिय विषयों से वैराग्यरूप प्रवृत्ति होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]