बुधजन!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुधजन – Buddhajana. Name of a pandit who wrote Tattvarth Bodh, Panchastikaya Bhasha etc many books. तत्वार्थ बोध , पञ्वास्तिकाय भाषा, बुधजन विलास, बुधजन सतसई आदि के कर्ता जयपुर निवासी एक पण्डित का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुधजन – Buddhajana. Name of a pandit who wrote Tattvarth Bodh, Panchastikaya Bhasha etc many books. तत्वार्थ बोध , पञ्वास्तिकाय भाषा, बुधजन विलास, बुधजन सतसई आदि के कर्ता जयपुर निवासी एक पण्डित का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगचंद्र – ई ष 12 में योगसार के कत्र्ता एक दिगम्बर का नाम। Yogacamdra-Name of a Digambar acharya who wrote a book ‘Yogsar’
देवीदास Name of a Hindi poet. एक हिन्दी कवि, जो बनासीदास के समकालीन थे इन्होंने हिन्दी छंदों में प्रवचनसार, परमानंदविलास आदि की रचना की। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिपुरारि A name of Lord Arihant among 1008 names, conqueror of birth, affliction by age & death. भगवान के 1008 नामों में एक नाम, तीन शत्रु अर्थात् द्रव्यकर्म, भावकर्म, नोकर्म को जीतने वाले, जिन्होंने जन्म, जरा, मरण इन तीन पुरों को जीत लिया है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचेलता – Sachelataa. To be clothed or covered with cloth. वस्त्र सहित होना अर्थात् सावरण होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसना ज्ञान – जिव्हा इन्द्रियों से होने वाला ज्ञान। Rasana Jnana- Sense of taste, knowledge perceived by tongue
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रष्मिवेग – पुश्कलावती के विजयार्ध पर त्रिलोकोत्तम नगर के राजा विद्युतगति का पुत्र था।युवावस्था में दीक्षित हुआ, योग में लीन स्थिति में एक अजगर निगल गया।समाधिपूर्वक मरने से अच्यूत स्वर्ग के पुश्कर विमान मे देव हुअ्रा। Rasmivega-The son of kind Vidyutgati of Trilokottam city situated in Pushkalavati country of Vijayardh mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस निरपक्ष आहार – नीरस आहार, रसयुक्त अर्थात स्वादिश्ट भोजन आदि की अभिलाशा न करना। Rasa Nirapeksa (Ahara)-Devoid of the desire of tasty food
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोनंदी – नन्दीसंघ बलात्कर गण में यष कीर्ति ई 231 – 299 के षिश्य व देवनंदी के गुरू ई 289 – 336। Yasonamdi-Name of an Acharya of nandi Group