वर्ग समीकरण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्ग समीकरण – Varg Samiikaran.: Quadratic equation. ax2 + bx +c=0, इस तरह का एक गणितीय संबंध “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्ग समीकरण – Varg Samiikaran.: Quadratic equation. ax2 + bx +c=0, इस तरह का एक गणितीय संबंध “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वाभ्युदय- Parsvabhyudaya. A book written by Acharya Jinsen-2. आचार्य जिनसेन द्वितीय (ई. ८१८-८७८) कृत एक काव्य ग्रंथ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरलन राशि – Viralana Rashi. Spreaded numbers in the form of 1. जिस संख्या को एक-एक करके फैला दिया जायें ” जैसे ४ का विरलन होगा १,१,१,१, “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरान्गचरिउ – Varaangachariu: Name of an Apbhransh (an ancient language) treatise. कवि तेजपाल कृत अपभ्रंश ग्रन्थ ” समय –ई.स . -1450 “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैश्वानर –Vaisvanara Name of the 4th Rudra, Name of a king of Kurudynasty, A type of Vidyadhar dynasty. चौथा रूद्र अपरनाम विशालनयन था, कुरुवंशी एक राजा, विघाधरों की एक जाति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वनस्पति (काय) – Vanspati (Kaaya): Vegetation (one-sensed beings),Vegetable bodied. वनस्पति एकेन्द्रिय जीव के द्वारा छोड़ा गया शरीर “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुकुटबद्ध राजा–Mukutbaddh. A crowned king. मुकुटधारी राजा”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्ख श्रोता–Muurkh Shrota. Stupid listener. See – Muudh Shrota. श्रोता केक प्रकार” देखे– मूढ़ श्रोता”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकेवल – Nokevala. Nine kinds of destructional volitions. क्षायिक भाव; केवलदर्शन, केवलज्ञान, क्षायिकदान, लाभ, भोग, उपभोग, वीर्य, क्षायिक सम्यक्त्व-चारित्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव संयोगपद – Bhava Samyogapada. Compound words showing passions. पद का एक भेद; क्रोधी, मानी, मायावी और लोभी इत्यादि नाम जो भावों के निमित्त से व्यवहार में आते हैं “