उपरिम कृष्टि!
उपरिम कृष्टि See – Uparitana Kro ¼²i . देखें-उपरितन कृष्टि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपरिम कृष्टि See – Uparitana Kro ¼²i . देखें-उपरितन कृष्टि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर शरण –Lokottara Sharan The supreme resort ,the shelter of Panch Parmeshthis . पंच परमेष्ठी आदि लोकोत्तर शरण हैं “जिनकी शरण लेकर लोक अर्थात् संसार को पार किया जाता है “
उपयोग आत्मा Soul with right knowledge . स्व-पर को ग्रहण करने में लिप्त जीव एंव उसके परिणाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विहायोगति (नामकर्म) –Vihayogati (Namakarma). A type of karmic nature causing spatial move-ment. नामकर्म की एक प्रकृति, जिसके उदय से जीव का आकाश में शुभ व अशुभ गमन हो “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भंग विचय – Bhamga Vicaya. A type of disquisition door. एक अनुयोगद्वार; जो मार्गणाओं के विच्छेद और विच्छेद के अस्तित्त्व प्ररुपक है “
उपकारक Beneficial, Helpful, Benefactor. उपकार करने वाला द्रव्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दण्डकारणिक An administrator who can punish, A magistrate. दण्ड देने वाला अधिकारी । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धि ऋद्धि – Buddhi Riddhi Supernatural power of intellect. एक प्रकार की ऋद्धि जिसके १८ भेद हैं “