द्रविड़ संघ!
द्रविड़ संघ A group of Digambar Jain saints. दिगम्बर परम्परा के अन्तर्गत एक साधु संघ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रविड़ संघ A group of Digambar Jain saints. दिगम्बर परम्परा के अन्तर्गत एक साधु संघ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदान :Offering food etc. to worthy persons (ascetics etc).तपस्वी आदि सुपात्रो को आहारदि दान देना।
दोष Faults. त्रुटि , कमी, रागद्वेष आदि 18 दोष; अरिहंट परमात्मा इनसे रहित होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाटलीपुत्र:Former name of patna, the capital of Bihar.बिहार प्रान्त की राजधानी वर्तमान पटना।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सत्पुरुष : == दट्ठूण अण्णदोसं, सप्पुरिसो लज्जिओ सयं होइ। —भगवती आराधना : ३७२ सत्पुरुष दूसरे के दोष देखकर स्वयं में लज्जा का अनुभव करता है। (वह कभी उन्हें अपने मुंह से नहीं कह पाता)।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाक्षिक:Fortnightly a type of Jaina householder (shavak).माह के पंद्रह दिवसीय पक्ष, श्रावक के 3 भेदो मे एक भेद, जो व्रती तो नही है लेकिन धर्म का पक्ष लेता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूति – Bhuti. Name of the 24th chief disciple of Lord Rishabhadev. भगवान वृषभदेव के ८४ गणधरों में २४ वें गणधर का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकरण – Prakarana. Topic, Section, Part. विषय, प्रसंग, किसी कृति का छोटा भाग “
चतुरिन्द्रिय Four – sensed beings. स्पर्शन , रसना , घ्राण , चक्षु ये ४ इन्द्रियाँ जिन जीवों के होती हैं वे चतुरिन्द्रिय जीव हैं . जैसे -मक्खी , मच्छर आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]