नील कूट!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील कूट – Neela Kuta. Name of a summit of Neel mountain. नील कुलाचल के 9 कूटों में दूसरा कूट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नील कूट – Neela Kuta. Name of a summit of Neel mountain. नील कुलाचल के 9 कूटों में दूसरा कूट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिवदत्त – Shivadatta. Name of a great Acharya. भगवान महावीर की आचार्य परम्परा में लोहाचार्य के पश्चात हुए चार आचार्यों में तीसरे आचार्य ” समय- ई. 38-58 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन वंदना –Vachan Vandanaa: Expressing reverential greetings by speech. साधुओं का एक कृतिकर्म; पंच परमेष्ठी के गुणों का वचनों के द्वारा महत्व प्रगट करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसही – Nisahee. ‘Nisahi’, a word to be pronounced at the time of entering into the temple etc. मंदिर, चैत्यालय, मठ, वसति आदि में प्रवेश करने के लिए वहां रहने वाले भूत, यक्ष, आदिकों से ‘निसही’’ इस शब्द को बोलते हुए पूछकर प्रवेश करना “
आतपन Fourth layer (Patal) of the third hell. तीसरे नरक का चैथा पटल।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (ॠत) – Vachan (Rta).: True speech or words. ॠत अथवा सत्य वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्ठीवन – Nishtheevana. To split out, an infraction of meditative relaxation ; an obstacle related to saint food; coming out phlegm in mouth. थूकना, कायोत्सर्ग का एक अतिचार; आहार अन्तराय; आहार करते समय साधू के द्वारा कफ आदि थूक देने पर निष्ठीवन नाम का अन्तराय होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसार – आचर्य नेमेचन्द्र सिद्धान्त चक्रवर्ती द्वारा रचित मोहनीय कर्म के उपषम विशयक 391 गाथा प्रमाण प्राकृत गाथाबद्ध ग्रंथ। Labdhisara-Name of a great jaina scripture written by Acharya Nemichandra Siddhant Chakrvarti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्शपत्र (योनि) – Vanshapatra (Yoni).: A type of female genital organ . योनि के 3 भेदों में एक भेद;बांस के पत्ते के समान लम्बी योनि “इस योनि से साधारण मनुष्य ही उत्पन्न होते हैं “