पांडुकनिधि!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकनिधि:One of the 9 treasures of chakravrti (emperor).चक्रवर्ती की 9 निधियोे मे एक निधि, धान्य को देने वाली।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांडुकनिधि:One of the 9 treasures of chakravrti (emperor).चक्रवर्ती की 9 निधियोे मे एक निधि, धान्य को देने वाली।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपल – Vipala. A type of time unit. काल का एक प्रमाण ” ६० प्रतिविपल = १ विपल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पादोपगमन – Padopagamana. A type of holy & voluntary death, by leaving own group of saints himself. सल्लेखना का एक प्रकार अपने पाँव के द्वारा संघ से निकलकर और योग्य प्रदेश में जाकर मरण किया जाना (अपरनाम-प्रायोपगमन).
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधिदान क्रिया – Vidhidana Kriya. A spiritual activity, appointment of deities by Indra to do their respective duties. गर्भान्वय की ५३ क्रियाओं में एक क्रिया ” इसमें इंद्र न्रमीभूत उत्तम देवों को अपने – अपने पद पर नियुक्त करता है “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सद्गुण : == गृहगृह्यो हि सज्जन:। —आदिपुराण : १-३७ सज्जन सदा गुणों को ही ग्रहण करते हैं।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भ – Bha. The 24th consonant of the Devanagari syllabary. देवनगरी वर्णमाला का चौबीसवां व्यंजन, इसका उच्चारण स्थान ओष्ठ के साथ जिह्म के स्पर्श से होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पराश्रय हेत्वाभास:Mutually dependent hypothetic fallacy.एक प्रकार का हेत्वाभास (मिथ्या हेतु) जो हेतु दूसरे हेतु पर आश्रित हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्याधर लोक – Vidyadhara Loka. World of Vidyadhars (on vijayardh mountain where 4th period of universal time cycle exists all the time). विजयार्य की उत्तर- दक्षिण दीशा की श्रेणी पर विद्याधर नगरियां बनी हुई हैं जिसे विद्याधर लोक कहते हैं ” यहाँ सदैव चौथा काल ही रहता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभाव शक्ति – Bhavabhaava Sakti. One of the powers acquired by soul. जीव की एक शक्ति; सत् देवादि पर्याय का नाश करता है, इसलिए उसे भावभाव का (सत् के विनाश का) कर्तृत्व कहा गया है ” वर्तमान में होने वाली पर्याय के व्यय होने रूप शक्ति “
त्रिपंचाशत Fifty three,a number (53 auspicious activities of householders). त्रेपन, 53 (गर्भान्वय की 53 क्रियाएँ आदि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]