गुह्यक!
गुह्यक भगवान महावीर का शासन देव (अपरनाम-मातंग यक्ष), देवों की एक जाति; जो देव तीर्थंकरों के कल्यानाकों तथा विहार के समय रत्नवृष्टि औत पुष्पवृष्टि करते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुह्यक भगवान महावीर का शासन देव (अपरनाम-मातंग यक्ष), देवों की एक जाति; जो देव तीर्थंकरों के कल्यानाकों तथा विहार के समय रत्नवृष्टि औत पुष्पवृष्टि करते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग श्रमण –VitaragaSrmana. One free from all passionate delusions, a saint. शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के राग से मुक्त साधु वीतराग श्रमण है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिष्टाक – Pistaka. Name of the 28th Indrak or Patal (layer) of Saudharma Ishan Yugal heaven. सौधर्म ईशान युगल के २८ वें इन्द्रक या पटल का नाम “
गुणित Multiplied. गुणाकार विधि में गुण्य राशि को गुणाकार द्वारा गणित कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म लोभ – Sukshma Lobha. Minute greediness. सूक्ष्म साम्पराय को सूक्ष्म लोभ कहते हैं अथवा 10 वें गुणस्थान में पाया जाने वाला लोभ ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्यास – Nyaasa. Installation, Entrusting. रखना; निक्षेप, लोक व्यवहार नाम, stस्थापनादि “
गन्धर्वसेन The father of the king Vikramaditya. राजा विक्रमादित्य के पिता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुह्य – Suhya. Name of a country f Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड का एक देश ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवनभूमि – Bhavanabhumi. An auspicious land in the assembly of Lord Arihant. समवशरण की भूमि जहाँ ध्वजा – पताकयुक्त अनेकों भवन हैं “
गणना प्रमाण Mathematical calculation (reg. measurement). लौकिक एवं लोकोतार मान, लौकिक मान ६ प्रकार का एवं लोकोत्तर मान द्रव्य क्षेत्र आदि की अपेक्षा से ४ प्रकार का है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]