द्रव्य छेदना!
द्रव्य छेदना Knowledge of one matter gained by other one (by penetration). एक द्रव्य से दूसरे द्रव्य का ज्ञान होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य छेदना Knowledge of one matter gained by other one (by penetration). एक द्रव्य से दूसरे द्रव्य का ज्ञान होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक मंगल –Laukika Mangal All auspicious significant articles-filled pitcher,white mustard,mirror etc. श्वेत सरसों ,भरा हुआ कलश ,वन्दनमाला ,क्षत्र ,दर्पण आदि “
दोहापाहुड़ A treatise written by Acharya Yogendudeva. आचार्य योगेन्दु देव (ई.श.6 उत्तरार्ध) कृत एक ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आवृत्तकरण Obscuration (related to Karmic theory). अन्य प्रकृति रूप करके कर्म का नाश करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवनालय – Bhavanalaya. Residence of deities. भवनवासी देवों के भवन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय अनशन – Nishchaya Anasana. Absolute fasting with conquering the worldly desires. मुनि अवस्था में विषय सुख की अपेक्षा न करते हुए अर्थात् मन व इंद्रियों को जीतते हुए आत्मसुख में ही निवास करना”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धनासक्ति : == धन धरती में गाडै बौरा, धूरि आप मुख लावे। मूषक साँप होइगो आखर, तातै अलठि कहावै।। —आनन्दघन ग्रंथावली : पद—४ मूढ़ मानव अपने धन का संरक्षण करने हेतु धन को जमीन में गाड़ता है और उस पर धूल डालता है किन्तु वस्तुत: वह धन के…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शलाका पुरुष – Shalaakaa Purush. Particular 63 great personages like Tirthankar (Jaina-Lord), Chakarvarti (emperor) etc. in Jaina realm. तीर्थंकर, चक्रवर्ती आदि प्रसिद्द पुरुषों को शलाका पुरुष कहते है ” प्रत्येक कल्पकाल में ये 63 होते हैं ” 24 तीर्थंकर, 12 चक्रवर्ती, 9 नारायण, 9 प्रतिनारायण, 9 बलभद्र “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मर्षि – Brahmarsi. Saints having supernatural knowledge (pertain- ing to wisdom and medicines), Another name of Laukantik deities. बुद्धि और औषधि ऋध्दियुक्त साधु ब्रह्मर्षि कहलाते हैं , लौकांतिक देवों को भी ब्रह्मर्षि कहते हैं “