लयन कर्म!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लयन कर्म – कर्म का एक भेद लयन अर्थात पर्वत, उसमे निर्मित प्रतिमाओ का नाम लयन कर्म है। Layana Karma-Scripture to carve out lord idol in the mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लयन कर्म – कर्म का एक भेद लयन अर्थात पर्वत, उसमे निर्मित प्रतिमाओ का नाम लयन कर्म है। Layana Karma-Scripture to carve out lord idol in the mountain
गुण गुणी भेद Distinction between the virtues & the virtuous one. भेद स्वभाव;गुणगुनी में संज्ञा ,संख्या,लक्षण और प्रयोजन की अपेक्षा भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रिक प्रतिक्रमण – रात्रि में हुए दोशों का जो प्रतिक्रमण प्रात सामायिक से पूर्व किया जाता है वह रावित्रक प्रतिक्रमण कहलाता है। Ratrika Pratikarmana- penitential retreat, an observation of Jaina saints pertaining to night infraction
घनलोक Volume of universe. ब्रह्माण्ड (सर्व लोकाकाश ३४३ घनराजु प्रमाण) का आयतन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजन संपात:A type of obstacle in food donation to saints. आहारांतराय का एक भेद; साधु को आहार देते समय दाता के हाथ से आहार सामग्री का नीचे गिर जाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
गारुड तत्त्व Soul as an ultimate being. आत्मा ; विद्वानों ने इसे शिव, गरूड़ व् अ काम कहा है क्योंकि यह आत्मा ही गुणरूपी रत्नों का समूह है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगवती:Name of female deities of summit of Gandhamadan & Gajdant mountains. गंदमादन पर्वत के लोहिताक्ष कूट की स्वामिनी दिक्कुमारी देवी, माल्यवान्गजदंत स्थित सागर कूट की स्वामिनी देवी “
घटमान योगी A meditator (the one expert in meditation and Yoga). जिसको योग का ध्यान का अच्छा अभ्यास हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिर्वाणसाधनाक्रिया – गर्भान्वय की एक क्रिया, अन्तिम अवस्था प्राप्त हो जाने पर साधु द्वारा षरीर आहारदि से ममत्व छोडकर पंचपरमंेही का ध्यान करना। Yoganirvana Sadhana Kriya-Aversion from the life for getting salvation, an auspicious activity