त्रसनाड़ी!
त्रसनाड़ी A channel or tunnel of mobile beings. लोक के बहु मध्य में एक राजु लम्बा और कुछ कम तेरह राजु ऊंचा बस जीवों का निवास क्षेत्र । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रसनाड़ी A channel or tunnel of mobile beings. लोक के बहु मध्य में एक राजु लम्बा और कुछ कम तेरह राजु ऊंचा बस जीवों का निवास क्षेत्र । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == कर्म-मुक्ति : == पक्के फलम्हि पडिए, जह ण फलं बज्झए पुणो विंटे। जीवस्स कम्मभावे, पडिए ण पुणोदयमुवेइ।। —समयसार : १६८ जिस प्रकार पका हुआ फल गिर जाने के बाद पुन: वृन्त से नहीं लग सकता, उसी प्रकार कर्म भी आत्मा से विमुक्त होने के बाद पुन: आत्मा (वीतराग) को…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोक्षण विधी- प्रतिमा की प्रतिश्ठा के समय की जाने वाली एक विधि; पंचकल्याणक प्रतिश्ठा में सौभाग्यवती सित्रयों द्वारा आकार षुद्धि की क्रिया में भगवान की प्रतिमा में मंत्रपूर्वक जो चंदन लेपन कराया जाता है, उसका नाम प्रोक्षण विधी है, इसक सम्प्रोक्षण विधि भी कहते है। Praksana Vidhi- A prescribed ritual procedure for the installation…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकलन श्रेणी व्यवहार – Sankalana Shreni Vyavahaara. Integral series of numbers. गणित विषयक एक संकलन व्यवहार की श्रेणी = 4+8+12+16+20+24+28+32=144 “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मुमुक्षु : == मिच्छत्तासवदारं रुंभइ सम्मत्तदिढकवाडेण। हिंसादिदुवाराणि वि, दिढवयफलिहेहिं रुंभति।। —जयधवला : १-१०-५५ मुमुक्षु जीव सम्यक्त्व रूपी दृढ़ कपाटों से मिथ्यात्व रूपी आस्रव द्वार को रोकता है तथा दृढ़ व्रत रूपी कपाटों से हिंसा आदि द्वारों को रोकता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडशकारण भावना व्रत – Sodashakaarana Bhaavanaa Vrata. A particular & procedural vow (fasting). उत्कृष्ट 16 वर्ष, मध्यम 5 वर्ष, जघन्य 1 वर्ष तक प्रतिवर्ष भाद्रपद, माघ, व चैत्र इन 3 महीनों में कृ. 1 से लेकर अगले महीने की कृ. 1 तक 32 दिन तक 16 उपवास, 16 पारणा करना एवं “दर्शनविशुद्धयादि षोडशकारणेभ्यो नमः”…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध विधान- प्रकृति, स्थिति, अनुभाग और प्रदेश के भेद से भेद को प्राप्त हुए बन्ध के भेदों को बंध विधान कहते है। Bandha Vidhana- Constitution of Karmic binding
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरलन राशि – Viralana Rashi. Spreaded numbers in the form of 1. जिस संख्या को एक-एक करके फैला दिया जायें ” जैसे ४ का विरलन होगा १,१,१,१, “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्दिक् गति – Saddika Gati. Six directional motion of beings, binded with Karmas. कर्मबद्ध जीवों का कर्मनिमित्तक षट्दिक अर्थात 6 दिशाओं में गमन होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रासुक- जिसमे से एकेनिद्रय स्थावर जीव निकल गये हैं वह प्रासुक द्रव्य कहलाता है। Prasuka- Sterilized, boiled water, milk etc.