भव्यत्व भाव!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यत्व भाव – Bhvyatva Bhava. Worthy feeling for salvation. जीव के पारिणामिक भाव का एक भेद ” देखें – भव्यत्व “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यत्व भाव – Bhvyatva Bhava. Worthy feeling for salvation. जीव के पारिणामिक भाव का एक भेद ” देखें – भव्यत्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वप्न (सत्य-असत्य) – Svapna (Satya-Asatya). Right & False dreams.स्वस्थ अवस्था मे दिखने वाले तथा दैव से उत्पन्न होने वाले स्वप्न सत्य होते है एवं अस्वस्थ अवस्था मे तथा दोष से उत्पन्न होने वाले स्वप्न असत्य होते है।
तर्जित An infraction in paying reverence to Acharyas. वंदना का एक अतिचार तर्जनी अंगुली के द्वारा अन्य साधुओं को भय दिखाते हुए अथवा आचार्य आदि से स्वयं तार्जित होकर वंदनादि करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अनंत – Bhava Ananta. To have knowledge of scriptures and involve-ment in it. अनन्त विषयक शास्त्र को जानना एवं वर्तमान में उसके उपयोग से उपयुक्त होना अथवा त्रिकाल जात अनंत पर्यायों से परिणत होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वद्रव्य – Svadravya. The soul.आत्मद्रव्य अर्थात् अविनाशी, विकार रहित केवलज्ञानमयी आत्मा स्वद्रव्य है।
ताप To have pain, distress, mental agony. असातावेदनीय के आस्रव का कारण अपवाद आदि के कारण अपवाद आदि के कारण खिन्न हो तीव्र संताप होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धिदेवी – Buddhidevi. Name of a ruling female deity of Mahapundarik Hrid (like lake ) and Buddhikuta (summit ). बुद्धिकूट की स्वामिनी देवी; महापुण्ङरिक ह्र्द की दिक्कुमारी देवी जो तीर्थकर की माता की सेवा के लिए आती हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वच्छंद – Svacchammda. Self-willed, unrestrained.अपनी इच्छा के अनुसार कार्य करने वाला।
तरेसठ शलाकापुरूष चरित्र Name of a famous saint, the disciple of Acharya Shri Pushpadantsagar Maharaj. चामुण्डराय द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्ध एक रचना (ई.श.10-11)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयन्ती A Jubilee, a birthday celebration, Name of a divinity of Ruchak mountain. जन्म उत्सव आदि , रूचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी देवी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]