दिक्!
दिक् Directions, A mountain situated in Lavan ocean. दिशाएँ, लवण समुद्र में स्थित एक पर्वत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिक् Directions, A mountain situated in Lavan ocean. दिशाएँ, लवण समुद्र में स्थित एक पर्वत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुषेणा – Sushenaa. Mother’s name of Lord Sambhavnath. श्रावस्ती नगरी के राजा दृढराज की रानी एवं तीर्थकर संभवनाथ की माता ।
त्रिवर्ग महेन्द्र- मातलि जल्प A book written by Acharya Somdeva. आचार्य सोमदेव (ई.943-968) कृत एक न्याय ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गशलाका – Vargashalaakaa.: A mathematical operation. दो की संख्या का वर्ग जितनी बार हो उस राशि का नाम ” जैसे -16 की वर्ग शलाका 2 है ,क्योंकि 2 का वर्ग 4 , 4 का वर्ग 16 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वशय्यासन तप – Parsvasayyasana Tapa. A type of austerity, to sleep in single posture. कायाक्लेश का एक भेद; किसी एक करवट से सोना “
देहप्रमाणत्व शक्ति Ultimate power of a body (reg. occupancy). अतीत अनन्तर (अन्तिम) शरीरानुसार अवगाह परिणामरूप देहप्रमाणपना होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरधर्म – Varadharma.: Past-birth-father of Lord Mallinath,Name of a saint possessing super power. तीर्थंकर मल्लिनाथ के पूर्वभव के पिता का नाम , एक चारणऋद्धिधारी मुनि; जीवंधर ने इन्हीं से व्रत लिए थे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ प्रतिमा – Parsvanatha Pratima. Symbolic idol of Lord Parshvanath (with expanded snake- hood). सर्प के फण से युक्त पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवत्सर – Sanvatsara. Subtitle of different eras. जैनागम में मुख्यतः 4 संवतों का प्रयोग पाया जाता हैं; वीर निर्वाण संवत, विक्रम संवत, ईसवी संवत, शक संवत ” वीर निर्वाण से विक्रम संवत में ४७० वर्ष , ईसवी संवत में ५२७ वर्ष एवं शक संवत में ६०५ वर्ष का अंतर आता हैं ” इसी प्रकार…