भवन (देव विमान)!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवन (देव विमान) – Bhavana (Dev Vimana). Palace – a signifying figure seen by mother of Jaina Lord among 16 dreams. तीर्थकरों के गर्भ में आने पर माता द्वारा देखे गये १६ स्वप्नों में १४ वें स्वप्न का चिन्ह “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवन (देव विमान) – Bhavana (Dev Vimana). Palace – a signifying figure seen by mother of Jaina Lord among 16 dreams. तीर्थकरों के गर्भ में आने पर माता द्वारा देखे गये १६ स्वप्नों में १४ वें स्वप्न का चिन्ह “
गौण Secondary, Concealed. जो मुख्या न हो, अनार्पित; विवक्षा से रहित ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिकांचन- Manikaanchan.: Name of a city situated in the north of Vijayardh mountain , Name of summits of Rukmi and Shikhari mountains and its protecting deities. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर , शिखरी व रुक्मि पर्वत का एक कूट व उसके रक्षक देव का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Beneficence to other, well- being of others. दूसरो का हित करना व चाहना।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथालब्ध–Yathalabdh. Whatever available (an adjective word). जो भी उपलब्ध हो (यह एक विशेषण रूप शब्द है जो व्यापार, ज्ञान आदि में जितना उपलब्ध हो उसमें संतोष करना रूप से घटित होता है” यह साधुओ के आहार संबंधी विषय में भी घटित होता है”)
गृहस्थ धर्मं Worldly or mundane life with religious observances. देवपूजा- गुरुपास्ती-स्वाध्याय-संयम-तप और दानरूप षट्कार्यों में प्रवृत्ति , पांच अणुव्रत , तीन गुणव्रत, ४ शिक्षाव्रतों का पालन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समकित चैबीसी व्रत – Samakita Caubeesee Vrata. A particular procedural vow (fasting). एक वर्ष तक प्रत्येक चतुर्दशी को उपवास करना तथा “ओं ही वृषभादि चतुर्विशतिजिनाय नमः” मंत्र का त्रिकाल जाप करना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पदमध्वज: Auspicious flags in the samavasharan-assembly of Lord, Name of predestined Kulkar (ethical founder). स्मवशरण से संबंधित कमलांकित ध्वजाएं, भविष्य कालीन 14 वें कुलकर ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छन–Murchchhan. A type of birth by spontaneous generation. तीन लोको के ऊपर, नीचे और तिरछे देह का चारो ओर सेग्रहण होना अर्थात चारो ओर से पुद्गलो का ग्रहण करके अवयवो की रचना होना, इसी को संमूर्च्छन जन्म कहते है”
चन्दर्षि महत्तर A Shvetambar Acharya. श्र्वेताम्बर पंचसंग्रह प्राकृत तथा उसकी सर्वोपज्ञ टीका के रचयिता एक प्रसिद्ध श्र्वेताम्बर आचार्य(ई.श. . ९-१०)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]