निसर्ग क्रिया!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्ग क्रिया – Nisarga Kriyaa. Encouraging for the sinful or wrong activities, Abetting. आस्रव को बढ़ाने वाली श्रावक की 25 क्रियाओं में सत्रहवीं क्रिया; जो प्रवृत्ति पाप का कारण है उसमें सम्मति देना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्ग क्रिया – Nisarga Kriyaa. Encouraging for the sinful or wrong activities, Abetting. आस्रव को बढ़ाने वाली श्रावक की 25 क्रियाओं में सत्रहवीं क्रिया; जो प्रवृत्ति पाप का कारण है उसमें सम्मति देना “
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (अनालोच्य) – Vachan (Anaalochya). False interpretation of something. असत्य वचन के 4 भेदों में एक भेद ; विपरीत सत् पदार्थ का प्रतिपादन करना ” जैसे – बैल है उसका विचार न कर यहाँ घोडा है ऐसा कहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्क्रियत्व शक्ति – Nishkriyatva shakti. Supreme power of inactivity (of Siddhas). समस्त कर्मों के अभाव से प्रवृत्त आत्मप्रदेशों की निस्पन्द्ता स्वरूप निष्क्रियत्व शक्ति है, जो कि सिद्ध अवस्था में प्रगट होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वन्द्य –Vandya.: Praiseworthy , Worthy of honour , Adorable . पूज्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कम्पता – Nishkampataa. Steadiness in faith and austerity including self discipline and self control. स्थिर, चंचलता से रहित, दृढ़ बने रहना “
दृश्यमान द्रव्य Visible objects. वर्तमान समय में दिखाई देने वाला द्रव्य किसी भी स्पर्धक या कृष्टि आदि में पर्व का द्रव्य या निषेक या वर्गणाएँ तथा नया मिलाया गया द्रव्य दोनों मिलकर दृश्यमान द्रव्य होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिथिल श्रद्धानी – Shithila Shraddhaanee. Inert one in pursuance of reverential right faith. वेदक या क्षयोपशम सम्यग्दृष्टि; चल, मलिन और आगाढ़ दोष के कारण तत्वार्थ श्रद्धानमरण जो शिथिलग्राहीहोता है (वृद्ध की लाठी की तरह) “
दृढ़रथ Name of a king of Yadu dynasty. यदु (यादव) वंश का एक राजा का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]