बेलाव्रत!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बेलाव्रत – Bela Vrata. A type of particular vow (fasting of two days). प्रथम दिन एकाशन , पुन: विवक्षित दो दिन उपवास तथा अगले दिन दोपहर को एकाशन करना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बेलाव्रत – Bela Vrata. A type of particular vow (fasting of two days). प्रथम दिन एकाशन , पुन: विवक्षित दो दिन उपवास तथा अगले दिन दोपहर को एकाशन करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वविद्याप्रकर्षिणी – Sarvavidhyaaprakarshinee. A super power possessed by Nami – Vinami (Vidyadhars). नमी-विनमि विद्याधरों को धरणेन्द्र से प्राप्त एक विद्या ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विधि – Vidhi. Manner, Method, Law, procedure, See – Vidhata. सत्ता, सत्त्व, सामान्य, द्रव्य, अन्वय, वस्तु, विधि, अविशेष ये एकार्थवाची शब्द हैं, नयों के विषय के अस्तित्व का विधायक होने से त्रुत की विधि संज्ञा हैं ” देखें – विधाता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वदेव – Sarvadeva. Name of the 28th Chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 28 वें गणधर ।
छत्रसेन Name of a Bhattarak of Sen group and an another Acharya. सेन संघ के एक भट्टारक एवं अन्य आचार्य का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वगतत्त्व – Sarvagatatva. State of omnipresence, Pervasion. सर्वज्ञत्वपना ” सर्वव्यापी
चित्सुखी Name of a Vedant treatise written by वेदान्त स्दाहित्य प्रवर्तक चित्सुखाचार्य (ई.१२५०) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सराग संयम – Saraaga Sanyama. Self control with slight attachment (reg. Jaina-saints). सातावेदनीय कर्म एवं देवायु के आस्त्रव का एक कारणः राग सहित मुनियो का चारित्र। यह छठे से दसवें गुणस्थान तक होता है। इसे क्षायोपशमिक चारित्र कहते है। जहाॅ संज्वलन कषाय व नोकषाय का यथासंभव उदय होता है।
चित्र A picture, A painting, Sketch, Name of a Jain temple in Nandan forest of Meru mountain and an another mountain. चित्तशक्ति या अनुभव का नाम चित्त है , वह चित्त ही जिसका त्राण या रक्षण है , उसे चित्र कहते हैं मेरू के नंदनवन में एक जिनमन्दिर का नाम , सीता के पूर्व तट…