लालसा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लालसा – प्रबल इच्छा अभिलाशा, निदान षल्य भोगो की लालसा रखना। Lalasa-Keen, Desire Longing
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लालसा – प्रबल इच्छा अभिलाशा, निदान षल्य भोगो की लालसा रखना। Lalasa-Keen, Desire Longing
चाँदखेड़ी(तीर्थ) Name of a Digambar Jain Atishay Kshetra in Jhalavad Dist. (Raj.) at the bank of river Rupli. The micraculous idol of Lord Rishabhdev is installed here. राजस्थान के झालावाड़ जिले में रूपाली नदी के तट पर अवस्थित एक दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र . यहाँ पर भगवान ऋषभदेव की चमत्कारिक प्रतिमा विराजमान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुकैटभ- Madhukaitabha. Name of the 4th Pratinarayan. चतुर्थ प्रतिनारायण का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवि – Prthivi. Earth. धरती, पृथ्वी के चार भेद हैं- पृथ्वी, पृथ्वीकाय, पृथ्वीकायिक, पृथ्वीजीव “
चक्रलाभक्रिया An auspicious act of getting precious jewels due to spiritual merits ‘Punya’. गर्भान्वय की एक क्रिया ; पुण्य के प्रताप से नवनिधि व चक्ररत्न की प्राप्ति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मत्सर – Matsara. Jealousy, Envy. ईर्ष्या, ज्ञानावरण व दर्शनावरण का कारण “
गोम्मटेश्र्वर The statue of Lord Bahubali situated at Shravanbelgola. दक्षिणी भारत के श्रवणबेलगोला में चामुंडराय(गोम्मत) द्वारा स्थापित ५७ फुट उत्तुनंग भगवन बाहुबली की प्रतिमा का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिकांचन योग – Manikaanchan Yoga. Mutual glorificatory association. जिस प्रकार मणि युक्त स्वर्ण अंगूठी में मणि से स्वर्ण की शोभा बढ़तीं है एवं स्वर्ण से मणि की शोभा बढ़तीं है उसी प्रकार परस्पर में एक-दूसरे की शोभा के वृधिगंत होने से मणिकांचन योग कहलाता हैं “
दुषमा काल A period of 21000 years is called one Dushama Kal or misery period (presently this period is going on). अवसर्पिणी काल का 5 वां और उत्सर्पिणी काल का दूसरा भेद। इस काल का समय 21 हजार वर्ष का होता है (वर्तमान में यही काल चल रहा है।)।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गृहीत मिथ्यात्व Wrong conception (acquired by the false speech). दूसरे के द्वारा मिथ्या उपदेश सुनकर जीवादि पदार्थों के विषय में जो मिथ्या श्रद्धान रूप भाव उत्पन्न होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]