सूत्रसम्यग्दर्शन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रसम्यग्दर्शन – Suutra Samyagdarshana. See- Sutra Ruchi. देखे – सूत्र रूचि ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूत्रसम्यग्दर्शन – Suutra Samyagdarshana. See- Sutra Ruchi. देखे – सूत्र रूचि ।
इंद्राभिषेक An auspicious and sacred act (reverentialanointment of Indra). गर्भान्वयादि क्रियाओं में एक क्रिया, इन्द्र पद पर आरुढ़ करने के लिए देवों द्वारा इन्द्र का अभिषेक किया जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र दोष–Mishra Dosh. A fault of food–donation to Jain saints. आहार के 16 उद्गम दोषों में एक दोष; प्रासुक तयार हुआ आहार अन्यवेषधारिओ तथा ग्रहस्थी केसाथ–साथ सयमीसाधुओ को भी देने का संकल्प करना मिश्र दोष है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिसनहारी मढिया – Pisanahari Marhiya. A Jain temple at Jabalpur city (M.P.). जबलपुर नगर (म.प्र.) का एक जैन मंदिर, जिसे एक महिला ने आटा पीस-पीसकर उपार्जित धन से बनवाया था “
इंद्रनंदि संहिता A book written by ‘Acharya Indranandi’.आचार्य इन्द्रनंदि (ई.श.10) की अपभ्रंश भाषाबद्ध कृति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म साम्पराय चारित्र – Sukshma Saamparaaya Chaaritra. Conduct with minute passions (Sukshma Saamparaaya reg. purity of soul). दसवें गुणस्थान में होने वाला चारित्र इस चारित्र में कषाय अति सूक्ष्म हो जाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पितृकायिक – Pitrkayika. A type of deities. आकाशोपपन्न देवों के १२ भेदों में एक भेद “
आराधना सार समुच्चय A book written by ‘Acharya Ravichandra’. आचार्य रविचन्द्र (ई.श.12-13) द्वारा रचित एक चतुर्विध आराधना विषयक ग्रंथ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म ऋजुसूत्र नय – Suksama Rijusutra Naya. A standpoint related to the minute acceptance of something. ऋजुसूत्र नय के दो भेदों में एक भेद । जो नय एक समयवर्ती सूक्ष्म अर्थ प्रर्याय (अवस्थायी पर्याय) को ग्रहण करें ।