देवगति नामकर्म प्रकृति!
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवगति नामकर्म प्रकृति Karmic nature causing birth in the form of deities. जिस कर्म के उदय से जीव देवगति में जन्म लेता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेतस –Vetasa. Cane, a type of wood used in the Pichchhi of Jaina saints & other furniture too. बेंत, एक प्रकार की लकड़ी, जो जैनसाधुओं की पिच्छी में पकडने वाली डंडी के रूप में प्रयुक्त की जाती है ” वर्तमान में विशेष फ़र्निचर निर्माण में भी इसका प्रयोग होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोकर्म द्रव्य कर्म – Nokarma Dravya Karma. External substances causing some results by Karmic fruition. कर्म प्रकृति के उदय फलस्वरूप जो कार्य हो उस कार्य के लिए जो बाहरी वस्तु कारण भूत हो वह वस्तु प्रकृति का नोकर्म द्रव्य कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वड्ढमाणचरिउ –Vaddhamaanachariu Name of a treatise written by poet Shridhar. कवि श्रीधर (ई .श. 12 का उत्तरार्ध) कृत 10 संधियों वाला अपभ्रंश काव्य ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैसर्गिक मिथ्यात्व – Naisargika Mithyaatva. Natural false belief. अग्रहीत मिथ्यात्व-परोपदेश के बिना मिथ्यात्व कर्म के उदय से जीवादि पदार्थों का अश्रद्धान रूप भाव “
दृश्यमान द्रव्य Visible objects. वर्तमान समय में दिखाई देने वाला द्रव्य किसी भी स्पर्धक या कृष्टि आदि में पर्व का द्रव्य या निषेक या वर्गणाएँ तथा नया मिलाया गया द्रव्य दोनों मिलकर दृश्यमान द्रव्य होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीलचंद – Sheelachanda. Name of a Bhattarak of nandi group. नंदीसंघ बलात्कारगण उज्जयनी गद्दी के एक भट्टारक् ” समय – वि. 735 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैपीरियन – NaiNaipeeriyana. Name of ‘ Logarithm to the base 2’. अर्द्धच्छेद या लाघुरिक्थ गणित; 2 के आधार वाले लघुरिक्थ का नाम नैपीरिय लॉग है “
दृढ़रथ Name of a king of Yadu dynasty. यदु (यादव) वंश का एक राजा का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]