फलाकांक्षा!
फलाकांक्षा Desire for getting worldly results. अनशन आदि में इहलौकिक फल की इच्छा रखाना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फलाकांक्षा Desire for getting worldly results. अनशन आदि में इहलौकिक फल की इच्छा रखाना । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गलितावशेष Decaying of remainders. गुणश्रेणी आयाम के द्वितीयादी समयों में गुणश्रेणी आयाम क्रम से एक एक निषेक की घटती होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशद प्रतिभास – Visada Pratibhasa. Right conception of soul. ज्ञानावरण कर्म क्षय से अथवा क्षयोपशम से उत्पन्न होने वाली और शब्द तथा अनुमानदि (परोक्ष) प्रमाणों से नहीं हो सकने वाली जो अनुभव सिध्द निर्मलता है वही विशद प्रतिभास है “
त्रैविद्य विश्वेश्वर A learned person of Dravid sangh (group) etc. द्रविड संघ के एक विद्वान का नाम । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
”गर्हित वचन” Despised speech, Contemptible or ignoble words. कर्कश-वचन, निष्ठुर भाषण, पैशुन्य वचन आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्ववर्ती – Poorvavartee. Foregoing, preceding, predecessor. पहले पाया जाने वाला “
त्रिषष्ठिस्मृतिशास्त्र A book written by Pandit Ashadharji. पं. आशाधर जी (ई. 1173-1243) द्वारा रचित एक संस्कृत ग्रंथ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्वगत – Poorvgata. A part (5th) of scriptural knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान के 12 वें दृष्टिवाद अंग का 5 वां भेद “
दिव्यभाषा Resonant voice of Lord Arihant (Divyadhvani). नाना भाषाओं (718) में परिणत होने के अतिशय से सम्पन्न अर्हद्वाणी (दिव्यध्वनि)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]