स्रष्टा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्रष्टा – Srastaa. The creator.बनाने वाला, विधि, स्रष्टा, विधाता, दैव, पुराकृत, कर्म और ईश्वर ये सब कर्मरुपी ईश्वर के पर्यायवाचक शब्द है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्रष्टा – Srastaa. The creator.बनाने वाला, विधि, स्रष्टा, विधाता, दैव, पुराकृत, कर्म और ईश्वर ये सब कर्मरुपी ईश्वर के पर्यायवाचक शब्द है।
धरणा Name of the Ganini (chief Aryika) in the holy assembly of Lord Sheetalnath. शीतलनाथ भगवान के समवशरण की गणिनी (प्रमुख आर्यिका) का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगफल्गु – Bhagaphalgu. For both words see – Bhagadatta. दोनों शब्दों के लिए देखें – भगदत्त “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादस्ति नास्ति – Syaadasti Nasti. The third Bhang of saptbhangi-exposition of the nature of substance in the aspect of affirmation & negation, eg. The nature of the fire is hot and is not cold.सप्तभंगी का तीसरा भंग-किसी अपेक्षा से है, किसी अपेक्षा से नही है (पदार्थ के धर्म से सम्बन्धित कथन) अर्थात् स्वचतुष्टय (द्रव्य,…
धनपाल A type of peripatetic celestials, Name of the writer of ‘Bhavishyadatta Charitra’. यक्ष जाति के व्यंतर देवों के 12 भेदों में नवां भेद, ‘ भविष्यदत्त चरित्र’ प्राकृत के कर्ता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जन्मातिशय Ten extraordinary and super excellences of Tirthankar’s (Jaina Lord’s) birth. तीर्थंकर के जन्म के स्वेद रहितता , निर्मल शरीर आदि १० अतिशय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्पाक्षिक Of similar opinion, Holding similar view. एक ही पक्ष में होना अर्थात् एक ही विचारधारा होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतकूट – Bharatakuta. Name of summits of Vijayardh & Himvan moun- tains. विजयार्ध पर्वत की उत्तर व दक्षिण श्रेणियों पर स्थित कूट एंव हिमवान् पर्वत पर स्थित एक कूट “
जघन्य अवगाहना Lowest (minimum) occupancy (pertaining to beings). सबसे छोटी शरीर की ऊंचाई ; उत्पन्न होने से तीसरे समय में सूक्ष्मनिगोदया लब्ध्यपर्याप्तक जीव की धनान्गुल के असंख्यातवें भागप्रमाण शरीर की जघन्य अवगाहना होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहकारी – Sahakaaree. A cause related to co-operation. एक सहयोगी कारण; सभी द्रव्य परस्पर में जो उपकार करते हैं वह सहकारी कारण के रूप में ही करते है