विमर्श!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमर्श – Vimarsha. Consideration, Discussion, Consultation. सोच – विचार, विचार विनिमय करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विमर्श – Vimarsha. Consideration, Discussion, Consultation. सोच – विचार, विचार विनिमय करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंतरदेव –Vyaintaradeva. Peripatetic deities ( Bhoot, Pishach etc.). किन्नर, किम्पुरुष, महोरग, गंधर्व, यक्ष, राक्षस, भुत और पिशाच ये ८ प्रकार के व्यंतर देव कहलाते हैं ” ये वैकिर्यिक शरीर के धारी होते हैं एवं इनके असंख्य भवनों में जिनमंदिर होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वंचन –Vanchan.: Name of a Patal(layer) of Saudharm Ishan heaven . सौधर्म ईशान स्वर्ग के 31 स्वर्ण पटलों में 11वां पटल इसका अपर नाम चंचत और चंचल भी है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषिद्धिका – Nishiddhikaa. A type of striptural knowledge (Shrutgyan). श्रुतज्ञान में अंगबाह्य का 14 वां विकल्प ” इनमें बहुत प्रकार के प्रायश्चित का वर्णन किया गया है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखरी – Shikharee. Having to do with summit or a peak, Name of a mountain of jambudvip (island). जिसके शिखर अर्थात कूट हो उसकी शिखरी संज्ञा है, जम्बूद्वीप का छटा कुलाचल, यह पर्वत हेममय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चल चित्त – Nishchal Chitta. Absolute concentration on the soul. सर्व द्रव्यों में रागद्वेष का अभाव तथा आत्मस्वरूप में लीन रहना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शास्त्राध्ययन – Shaastraadhyayana. Study of the scriptures and thinking over it. जिनागम का अभ्यास, पठन-पाठन करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय वीर्य – Nishchaya Veerya. Super power of soul. शुद्ध आत्म स्वरुप की शक्ति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोहर- Manohara. Beautiful, alluring, pleasing, A type of peripatetic deities, Name of initiation – forests of Lord Padmaprabh, Shreyansnath and Vasupujya. मनकोमोहितकरनेवाला , महोरगजातिकाएकव्यंतरदेव , एकवनजहाँतीर्थंकरपदमप्रभ, श्रेयांसनाथ , वासुपूज्यनेदीक्षालीथी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शारीरिक दुःख – Shareerika Dukha. Physical pain. दुःख के 4 भेदों में एक भेद; रोगादि से उत्पन्न होने वाला शरीर संबंधी दुःख “