रामपुराण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामपुराण – एक कन्नड कवि पùनाथ द्वारा रचित गं्रथ। समय ई 1580। Ramapurana-Name of a treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रामपुराण – एक कन्नड कवि पùनाथ द्वारा रचित गं्रथ। समय ई 1580। Ramapurana-Name of a treatise
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजया – Vijayaa.: Mother’s name of Tirthankar (Jain-Lord) Ajitnath,Name of the female demigod of Jain-Lord Aranath. तीर्थंकर अजितनाथ की माता राजा जितशत्रु की रानी ,भगवान अरहनाथ की शासन देवी “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगलाव्रत: Name of a summit of Saumnasa mountain and its protecting deity. सौमनस पर्वत का एक कूट व उसका रक्षक देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयकीर्ति – Vijayakirti.: Name of a spiritual teacher of Nandi group (the disciple of Gyanbhushan). नंदिसंघ बलात्कारगण ईडर गद्दी में ज्ञानभूषण के शिष्य तथा शुभचन्द्र के गुरु “समय –वि. 1552 – 1570 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदृश तद् उपचार – Sadrisha Tad Upachaara. A type of wrong interpretation for one or addressing one wrongly (a type of conventional or figurative usage). एतद्वान मे तत् का उपचार। गाड़ी वाले पुरुष को गाड़ी कहना या लाठी वाले पुरुष को लाठिया कहना।
त्रिलोकमंडन Name of an elephant. एक हाथी, रावण ने इसको मदमस्त अवस्था में पकडकर त्रिलोकमंडन नाम रखा था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विक्रिया –Vikriyaa.: Super power of transforming body into different shapes (tiny,big,light or heavy). छोटा,बड़ा,हल्का,भारी आदि अनेक प्रकार का शरीर बना लेना ” पृथक्-अपृथक् विक्रिया इसके दो भेद हैं ” देव और नारकियों में यह स्वभाव से ही होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोबाहु – आदिनाथ भगवान के 84 गणधरो में एक गणधर का नाम, आचार्य यषोभद्र के षिश्य, इनका अपरनाम आचार्य भद्रबाहु द्वितीय था। यं 8 अंगधारी थे तथा लोहाचार्य – 2 के गुरू थे। समय – वी नि 515 – 565 Yasobahu-Name of a chief disciple of lord Adinath, Also the name of the disciple…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकलादेशी – Vikalaadeshii.: Viewpoints related to partial apprehension. विकलादेश नय का विषय है इसलिए नय को विकलादेशी कहते हैं “
देहदेवालय Body as a temple; Place of Lord in the inner part of one’s body. निज परमात्मा का इस नश्वर शरीर रूपी देवालय में स्थान।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]