योगसूत्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसूत्र – योगदर्षन के सिद्धान्त आदि। व्याकरणकार पातंजलि के द्वारा संचालित सूत्र जिस पर व्यास ने भाश्य लिखा है। समय ई पू 4। Yogasutra-The principle of yoga philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसूत्र – योगदर्षन के सिद्धान्त आदि। व्याकरणकार पातंजलि के द्वारा संचालित सूत्र जिस पर व्यास ने भाश्य लिखा है। समय ई पू 4। Yogasutra-The principle of yoga philosophy
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष दृष्टि – Saapeksha Drshti. Relativity. स्याद्धाद । जो वस्तु अनेकांत रूप है वही सापेक्ष दृष्टि से एकान्त भी है। श्रुतज्ञान की अपेक्षा अनेकांत रूप है और नय की अपेक्षा एकांत रूप है। बिना अपेक्षा के वस्तु का स्वरूप नही देखा जा सकता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिर्वाणसंप्राप्तिक्रिया – गर्भान्वय की एक क्रिया इसमे साधक सल्लेखना में स्थिर होकर राग आदि दोशो को छोडते हुए षरीर कृष करता हुआ मोक्ष का ही चितन करता है। Yoganirvanasampraptikriya-Aversion from all attachments for getting salvation (reg. holy death of a saint, an auspicious activity)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधित – Saadhita. Adored, Achieved, Accomplished. स्ंसिद्धि, राध, सिद्ध, साधित और आराधित ये शब्द एकार्थक है ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगप्रत्यय – कर्मबंध का एक कारण, मन वचन काय की षुभ – अषुभ क्रिया। Yogapratyaya-Auspicious & inauspicious activity of mind speech & body (a reason for karmic binding)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगद्वार – आस्त्रव, आत्मा से बंधने के लिए कर्मो का योगरूपी नाली के द्वारा आना। Yogadvara-path of inflow of karmas into soul
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण नामकर्म प्रकृति – Saadhaarana Namakarama Prakrti. Physique making Karmic nature causing single body Possessed by infinite beings. नामकर्म की एक प्रकृति, जिसके उदय से ऐसा शरीर प्राप्त हो जिसके अनंत जीव स्वामी हों । जो एक साथ जन्में, श्वास ले व मर जाये ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि मिथ्यादृष्टि – Saadi Mithyaadrsti. One degraded from the right path. सम्यग्दर्शन को प्राप्त करने के उपरांत जो जीव गिरकर पुनः मिथ्यादृष्टि हो जाता है उसे सादि-मिथ्यादृष्टि कहते है।