वीर निर्वाण क्रिया!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर निर्वाण क्रिया –Vira Nirvana Kriya A kind of devotional prayer. कृतिकर्म; सिद्धभक्ति, निर्वाण भक्ति, पंचगुरु भक्ति, शांति भक्ति पढना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर निर्वाण क्रिया –Vira Nirvana Kriya A kind of devotional prayer. कृतिकर्म; सिद्धभक्ति, निर्वाण भक्ति, पंचगुरु भक्ति, शांति भक्ति पढना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति भोजन – Sthiti Bhojana. One of the 28 basic restaints of Jaina Saints, procedural taking food by standing without any support.साधु का एक मूलगुण। दीवाल आदि का संहार न लेकर स्वयं स्थिर खड़े रहकर अपनी अंजली ग्रहण करना स्थिति भेाजन कहलाता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग छध्न्स्थ –VitaragaChadmastha. Souls at the 11th – 12th stage of spiritual devel-opment. ११ वें व १२ वें गुणस्थान वाले वीतराग छध्न्स्थ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थापना स्तव – Sthaapanaa Stava. Hymning the idols of lord Arihant.जिनेन्द्र भगवान के गुणो को धारण करने वाली जिन प्रतिमओ के स्वरुप का कीर्तिन करना स्थापना स्तव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संजय – Sanjaya. Name of a super saintwho called Lord varddhaman by a new name ‘Sanmati’. एक चारण रिद्धिधारी मुनि; इनके साथ विहार करने वाले द्वितीय चारणऋद्धिधारीमुनि का नाम विजय था ” एक बार कुण्डलपुर के नंदावर्त महल में पालने में झूलते तीर्थंकर बालक वर्द्धमान के दर्शन मात्र से इन मुनियों का संदेह दूर…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्यग्दर्षन वाक – Samyagdarshana Vaak. Right spiritual speech. वचन के 12 भेदो मे एक भेदः सम्यक् मार्गप्रवर्तक उपदेष सम्यग्दर्शनवाक् है।
चैतन्यानुविधायी Result related with only consciousness. उपयोग; चैतन्य अन्वयी अर्थात् चैतन्य को छोड़कर अन्यत्र नहीं रहता वह परिणाम । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थपति – Sthapati. Architect, one of the 14 jewels of chakrawarti (emperor).भवन निर्माण कला मे निपुण वास्तुकार, चक्रवर्ताीे के 14 रत्नो मे एक रत्न। जो वास्तुविद्या का पारगामी होता है।