हरिवंश पुराण!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवंश पुराण – Harivammsa Puraana. Name of a great mythological treatise written by Acharya Jinsen. आचार्य जिनसेन (ई. 783) कृत 66 सर्ग तथा 10,000 श्लोक प्रमाण ग्रंथ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवंश पुराण – Harivammsa Puraana. Name of a great mythological treatise written by Acharya Jinsen. आचार्य जिनसेन (ई. 783) कृत 66 सर्ग तथा 10,000 श्लोक प्रमाण ग्रंथ।
तत्वज्ञान The knowledge of truth or reality of any matter. तत्वों को जानकर आत्मा का विशेष बोध या मनन करना । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिचन्द्र – Haricandra. Name of the 4th predestined Balbhadra. आगामी चैथे बलभद्र।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हनुमंत चारित्र – Hanumammta Caarita. Name of a book written by Pandit Raimalla. पं रायमल्ल (ई. 1575-1593) कृत भाषा ग्रंथ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर प्रत्यय उत्पाद:See- Para Nimittaka Utpada.देखे निमित्तक उत्पाद ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वेदयबंधी प्रकृति – Svodayabamdhii Prakrti. Karmic natures causing binding with self rising. स्वयं के उदय के साथ बंधने वाली प्रकृतियाॅ। ज्ञानावरणी की 5, अंतराय की 5, दर्शनावरणी की चक्षुदर्शनावरणादि 4, तैजस शरीर, कार्मण शरीर, निर्माण, स्थिरयुगल, शुभयुगल तथा वर्णचतुष्क, अगुरुलधु और मिथ्यात्व इन 27 प्रकृतियो का स्वोदय से बंध होता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाभाविक विमान – Svaabhaavika Vimaana. Natural aboding places of heavenly deities. विमान के दो भेदो मे एक भेद-एक विक्रिया से उत्पन्न हुए और दूसरे स्वभाव से । विक्रिया से उत्पन्न हुए विमान विनश्वर होते है व स्वभाव से उत्पन्न हुए विमान रम्य, नित्य व अविनश्वर होते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्थान सन्निकर्ष – Svasthaana Sannikarsa. Relativity of karmas with matter, region, time etc. सन्निकर्ष के दो भेदो मे एक ंभेद। किसी विवक्षित एक कर्म का जो द्रव्य, क्षेत्र, काल एवं भाव विषयक सन्निकर्ष होता है वह स्वस्थान सन्निकर्ष कहलाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांतर सिद्व – Saantara Siddha. Beings to be salvated from Santar Gatri. अंतर-विच्छेद सहित होने वाले सिद्व।