ध्रुव अवग्रह!
ध्रुव अवग्रह Lasting apprehension. जो यथार्थ ग्रहण निरंतर होता है जैसा प्रथम समय में शब्द आदि का ज्ञान हुआ था आगे भी वैसा ही होता रहता है, कम या ज्यादा नहीं होता यह ध्रुव-अवग्रह है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्रुव अवग्रह Lasting apprehension. जो यथार्थ ग्रहण निरंतर होता है जैसा प्रथम समय में शब्द आदि का ज्ञान हुआ था आगे भी वैसा ही होता रहता है, कम या ज्यादा नहीं होता यह ध्रुव-अवग्रह है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रा पृथिवी –Vajraa Prithivii: An earth of middle universe. मध्यलोक की एक पृथिवी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैष्कर्म्य – Naishkarmya. Name of a book written by Sureshvar. वेदांत साहित्य प्रवर्तक सुरेश्वर (ई. 820) का एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैःषड्यभावना – Naihshgyabhaavanaa. Feeling of unattachment. पंचेन्द्रिय सम्बंधी सचित्त और अचित्त विषयों में अनासक्ति ” ये दो प्रकार की होती है – बाह्य और आभ्यंतर “
धृतिकूट Name of the summits situated at Nishadh & Ruchak mountains. निषध एंव रूचक पर्वत पर स्थित कूटों के नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रकांड – Vajrakaand : Name of the bow of Bharat Chakravarti (an emperor). भरत चक्रवर्ती के धनुष का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेत्रोन्मीलन विधि – Netronmeelana Vidhi. A particular kind of ritual procedure of opening the eyes of the idol of Lord Jinendra with the golden-stick especially to be observed in Panchkalyanak Pratishtha on the day of attainment of Kevalgyan (ommiscience). पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में झंडारोहण-अंकुरारोपण के समय सर्वण्ह यक्ष की प्रतिमा के नेत्रों को मंत्रपूर्वक स्वर्ण…
धूम Name of a planet. ज्योतिषी के 88 ग्रहों में से 24 वां ग्रह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिविका – Shivikaa. A palanquin. पालकी; जो मनुष्यों के द्वारा उठाकर ले जायी जाती वह शिविका कहलाती है, तीर्थंकरों के दीक्षावन जाने के लिए देवों द्वारा स्वर्ग से पालकी लायी जाती है “