इतरनिगोद!
इतरनिगोद A type of Nigod related to 4 Gatis. जो नित्य निगोद से निकलकर अन्य पर्याय या जन्म धारण कर फिर निगोद में जाते हैं इसे चतुर्गति निगोद भी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इतरनिगोद A type of Nigod related to 4 Gatis. जो नित्य निगोद से निकलकर अन्य पर्याय या जन्म धारण कर फिर निगोद में जाते हैं इसे चतुर्गति निगोद भी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्ममुख (हेत्वाभास) A fallacy in expressing self. स्ववचन बाधित। जैसे मेरी मां बाँझ है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगदेव – बारस अणुुवेक्खा के रचियता एक अपभ्रंष कवि ई्र ष 15 मध्यपाद, तत्वार्थ सूत्र टीका के रचियता एक भटट्ारक ई सन् 1570 Yogadeva-Name of some great personalities
इंद्रोपपाद An auspicious and sacred act (birth as an Indra by the effect of austerity). गर्भान्वयादि क्रियाओं में से एक-तप के प्रभाव से वैमानिक देवों में इन्द्र रूप से उत्पाद होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस द्वीप – लवणसागर में विद्यमान द्वीपों के मध्य स्थित एक द्वीप। Raksasa dvipa-name of an island
इंद्रिय विवेक Discrimination related to sensual aversion. इन्द्रिय विषयों से वैराग्यरूप प्रवृत्ति होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी – भीश्म राजा की पुत्री, कृश्ण की पटरानी, प्रद्युम्न की मां। अंत में सभी पटरानियों और पुत्रवधुऔ के साथ दीक्षित हुई। Rukmini-The daughter of king Bhishma,The chief wife of Krishna