प्रत्यूषकाल!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यूषकाल- प्रतः का संधि काल। pratyusakala – daybreak, dawn period
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यूषकाल- प्रतः का संधि काल। pratyusakala – daybreak, dawn period
धरणीमौलि A great mountain which is well known by the name Kishkindhgiri. एक पर्वत, जो किष्किंधगिरि के नाम से विख्यात है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभास्वर- उज्जवल, चमकीला, सौधर्मेनद्र द्वारा प्रस्तुत वृशदेव का एक नाम। Prabhasvara- Luminous, A name of Lord Rishabhdev given by SaudharmaIndra
धनश्री Name of a wealthy woman. सेठानी ; जो हिंसा पाप में प्रसिद्ध हुई है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यासत्ति – घनिश्ठ संपर्क, सादृष्य, निकटता का नाम प्रत्यासति है। वह द्रव्य, क्षेत्र, काल, भव के भेद से चार प्रकार की होती है। pratyasatti – nearness, closeness
धन Wealth, That which consists of wealth such as money, property, cow etc. रूपया, पैसा, सोना, मकान आदि सम्पति।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूमि – Bhumi. Land. जीवों की निवास भूमियां – कर्मभूमि, भोगभूमि, नरकों की ७ भूमियां “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रायश्चित – प्रतिसमय लगने वाले अंतरंग व बाह्य दोशों की निवृति करके अंतर्षोधन करने के लिए गुरु के समक्ष किया गया पष्चाताप। Prayascitta- Expiation, Repentance, Atonement, penitence
द्वैत Nature of duality. बन्ध और मोक्ष , राग और द्वेष , कर्म और आत्मा तथा शुभ और अशुभ इस प्रकार की बुद्धि द्वैत के आश्रय से होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राभृत समास- श्रुतज्ञान के 20 भेदों में 16 वाँ भेद, प्राभृत श्रुतज्ञान में एक अक्षर के बढनें से यह ज्ञान होता है। PrabhrtaPrabhrtaSamasa- A type of Scriptural Knowledge (shrutgyan)