सरलता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरलता – Saralataa. Simplicity, straightness. कुटिलता, मायाचारी का अभाव अर्थात् आर्जव।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सरलता – Saralataa. Simplicity, straightness. कुटिलता, मायाचारी का अभाव अर्थात् आर्जव।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्फोट – Sphota. A bursing up, an explore, an element causing intensive expression of some meaning.किसी वस्तु का फूटना, विदारण, मीमांसक मान्य एक व्यापक तत्त्व जिसके द्वारा ध्यन्यात्मक शब्द मे अर्थ प्रकाषन की सामथ्र्य अभिव्यक्त होती है। स्फोटवाद का जैनाचार्यों ने निराकरण किया है।
उपशमचारित्र Subsidence character (conduct related to upasham). समस्त मोहनीय कर्म के उपसम से 11 वें गुणस्थान में औपशमिक चारित्र होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चौका विधान Procedure for purification pertaining to saint- food. द्रव्य , क्षेत्र , काल , भाव की शुद्धि , मन शुद्धि , वचन शुद्धि , काय शुद्धि , आहार शुद्धि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पर्ष नाम विभीषणता – Sparssana Naama Vibhiisanataa. A type of Anuyogdwar (disquisition door).देखे- स्पर्ष अंतर विधान।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शैल कर्म – Shaila Karmaa. Pertainung to sculpure. शैल का अर्थ पत्थर है, उससे निर्मित प्रतिमाओं का नाम शैलकर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्पंदरहित नेत्र – Spamdarahita Netra. Eyes devoid of blinking (non-blinking).अर्हत भगवान के केवलज्ञान के दस अतिशयो मे एक, स्पंद रहित (टिमकार रहित) दृष्टि।
उपशम सत्त्वकाल Subsidence – state period . अन्तर्मुहूर्त काल उपशम सत्त्वकाल है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशल्य – Bhavasalya. Internal thorn (falsehood etc.). जिस कर्म के उदय से जीव के माया, मिथ्या व निदान रूप परिणाम होते हैं “