चतुराश्रम!
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दक्षिणार्ध Name of a summit & a deity of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत के एक कूट व देव का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उनचास Forty-nine. एक संख्या सहनानी रज्जूप्रतर रज्ज2(7)2=49। एक बार सम्मेदशिखर की वंदना करने वाला भव्य जीव अधिकतम 49 भव में नियम से मोक्ष प्राप्त करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेक्षागृह मण्डप- सभागृह। Preksgraha Mandpa- Assembly hall
दर्पण Mirror; an auspicious device which is to be kept near Lord idol. शीशा, एक मंगल, अकृत्रिम प्रतिमाओं के समीप सिथत 108 मंगल द्रव्यों में एक मंगल द्रव्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षष्ठ अनुव्रत – Sastha Anuvrata. A vow-renouncement of food taking after sun-set. रात्रि भोजन त्याग छठा अनुव्रत है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रिय- जो वस्तु अपने को पसंद हो, रमणीय, अनुकूल, उत्तरधातकी-खण्डद्वीप का रक्षक देव। Priya – favorite thing, dear one
त्यागधर्म Doctrine of renunciation. 10 धर्मों में एक धर्म, संचेतन और अचेतन समस्त परिग्रह की निवृत्ति एंव संसार – शरीर – भोगों से उदासीनता । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्प्राभृत टीका – Satpraabhrita Teekaa. The Sanskrit commentary book on ‘Shatprabhrit’ treatise. कुन्दकुन्द आचार्य के षट्प्राभृत की आचार्य श्रुतसागर (ई. सन् 1487-1533) कृत संस्कृत टीका “
फलत्याग Abandonment of some particular fruits for some particular time. समस्त अथवा कुछ फलों का नियत समसय के लिए त्याग करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]