देवेन्द्रकीर्ति!
देवेन्द्रकीर्ति Name of Bhattaraks (of Nandisangh etc.) नन्दिसंघ सूरत शाखा के आद्य भट्टारक (ई. 1393-1442). कथाकोष आदि के रचयिता सांगानेर के भट्टारक (वि. 1640-1662)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवेन्द्रकीर्ति Name of Bhattaraks (of Nandisangh etc.) नन्दिसंघ सूरत शाखा के आद्य भट्टारक (ई. 1393-1442). कथाकोष आदि के रचयिता सांगानेर के भट्टारक (वि. 1640-1662)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देव ऋद्धि दर्शन A cause of attainment of right faith (perception). सम्यग्दर्शन की उत्पत्ति का एक कारण सौधर्मेन्द्रादिक देवों की महाऋद्धियों को देखकर सामान्य मिथ्यादृष्टि देवों में सम्यग्दर्शन की उत्पत्ति होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर बंध – Shareera Bandha. Molecular bondage (formation) of 5 types of body. औदारिक, वैक्रियिक, आहारक तैजस और कार्माण शरीर बंध का होना शरीर बंध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परशुराम:Son of Jamdagni Tapas.जमदग्नि तापस का पूत्र, जिसने एक क्षत्रिय के द्वारा अपने पिता के वध का बदला लेने के लिए 21 बार पृथ्वी को क्षत्रियविहीन किया था । अंत में यह सुभौम चक्रवर्ती के चक्र से मारा गया ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवाद:Dispute, Reproach] Synonym word for shrutgyan (Scriptural knowledge),विवाद, अपवाद, दूसरे की निंदा, श्रुतज्ञान का एक पर्यावाची नाम ।
देवभक्ति Devotion towards Lord Jinendra. जिनेन्द्र देव के गुणों में विशेष अनुराग ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिगम्बर प्रतिमा Idol of Lord Arihant and Siddha with natural appearance. अरहंत सिद्ध की घ्यानमई नग्न मूर्ति ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृष्टि View, Sight, Vision. दर्शन, देखने की वृत्ति, अवलोकन, चक्षु प्रकाश आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दूरस्पर्शत्व ऋद्धि A supernatural power of remote touching. बुद्धि ऋद्धि का एक प्रकार (स्पर्श से संबधित) जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को स्पर्शन इन्द्रिय से उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन की दूरी पर स्थित ठंडा गर्म आदि सभी प्रकार के स्पर्श को जान लेने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]