धर्मपत्नी!
धर्मपत्नी A lawfully married woman. अपनी ही जाति की जिस कन्या के साथ अग्नि की साक्षीपूर्वक विवाह किया जाता है एंव जो पूजा प्रतिष्ठा धर्म आदि शुभकार्यों में साथ रहती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मपत्नी A lawfully married woman. अपनी ही जाति की जिस कन्या के साथ अग्नि की साक्षीपूर्वक विवाह किया जाता है एंव जो पूजा प्रतिष्ठा धर्म आदि शुभकार्यों में साथ रहती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चूडामणि A commentary book written by Tumbulacharya, Crest jewel, A city in the north of Vijayardh mountain. तुम्बुलाचार्य द्वारा रचित कषाय – पाहड तथा षट्खन्डागम के आद्य ५ खण्डों पर कन्नड़ भाषा में ८४००० श्लोक प्रमाण एक टीका , सर का आभूषण , भरत चक्रवर्ती का चिंतामणि रत्न , विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मेदशिखर महात्मय – Sammedashikhara Mahaatmya. A composition composed by Shrimad Yativar Devdatta. श्रीमद् यतिवर देवदत्त (श्री लोहाचार्य) द्वारा तीर्थराज सम्मेदशिखरजी की महत्ता पर संस्कृत मे रचित 21 अधिकारो मे निबद्व एक रचना।
धर्म(पुरूषार्थ) One of the four essential duties of a householder i.e. to follow religion. 4 पुरूषार्थों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) में प्रथम पुरूषार्थ; धर्म रूप चेष्टा जो सभी सुखों की दाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्विंशतिसंधान काव्य A book written by Pandit Jagannath. ई. सन् १६४२ में पं . जगत्राथ द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीमुक्ति – Strimukti. Salvation of female jaina saints (which is not possible according to Digambar Jaina philosophy).स्त्री मुक्ति का आगम मे निषेध है। पुरुष, स्त्री एंव नपुंसक तीनो ही भाव लिंगो से मोक्ष सम्भव है लेकिन द्रव्य से केवल पुरुषवेद से ही मोक्ष होता है।
धनयकुमारचरित्र See – Dhanakumåracaritra. देखें – धनकुमारचरित्र।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चतुर्मास Particular four months of rainy season (staying time of Jain-saints at a place with some restrictions). वर्षाऋतु के ४ मॉस, वर्षायोग , आशाढ सुदी १४ सेर कार्तिक वादी चतुर्दशी की पिच्छली रात्रि में(अर्थात् साढ़े तीन मॉस में) वर्षायोग समापन क्रिया की जाती है फिर भी व्यव्जहार में कार्तिक सुदी १४ तक साधु प्रायः एकल…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वभाव गति – Svabhaava Gati. Movement of salvated soul. उध्र्वगति जीव की स्वभाव गति है।
धनद Lord of wealth (Dhankuber), Name of a guardian deity (Lokpal). धन कुबेर, तीर्थंकर भगवान के पंचकल्याणकों में रत्नवृष्टि करने वाले एंव समवसरण की रचना करने वाले देव, चार दिशाओं में से उत्तर दिशा के लोकपाल का नाम ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]