भावस्तवन!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्तवन – Bhavastavana. Eulogical praising of Lord Jinendra. जिनेन्द्र भगवान के गुणों का स्मरण करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावस्तवन – Bhavastavana. Eulogical praising of Lord Jinendra. जिनेन्द्र भगवान के गुणों का स्मरण करना “
घनरव Father’s name (of past birth) of Lord Arahnath. अरहनाथ भगवान् के पूर्वभव के पिता का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजनकथा:Food gossip, tales pertaining to food items. विकथा का एक भेद ” भोजन संबंधी कथा करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विदारण क्रिया – Vidarana Kriya. Exposing others’ sinful activities. साम्परायिक आस्रव की १८ वीं क्रिया ” दुसरे ने जो सावध कार्य किया हो उसे प्रकाशित करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगमालिनी :Name of a female deity of rajat summit situated at Malyavan Gajadant mountain. माल्यवान्गजदन्त स्थित रजत कूट की स्वामिनी देवी “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्य प्रतिमा – Brahmacarya.Pratima. Seventh model stage of celibacy of Jaina lay- follower. श्रावक की सातवीं प्रतिमा; इसमें श्रावक स्त्रीमात्र का त्याग होकर पूर्ण ब्रह्मचर्य से रहता है ” इसका धारक श्रावक अपने पुत्र – पुत्रियों के विवाह के अतिरिक्त अन्य किसी के विवाह की अनुमोदना नहीं करता है “
ग्रन्थसम A type of substantive identity of matter. द्रव्यनिक्षेप का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सूक्ष्म कषाय : == कौसुम्भ: यथा राग:, अभ्यन्तरत: च सूक्ष्मरक्त: च। एवं सूक्ष्मसराग:, सूक्ष्मकषाय इति ज्ञातव्य:।। —समणसुत्त : ५५९ कुसुम्भ के हल्के रंग की तरह जिनके अन्तरंग में केवल सूक्ष्म राग शेष रह गया है, उन मुनियों को सूक्ष्म—सराग या सूक्ष्म—कषाय जानना चाहिए।
गरिष्ठ रस Fatty foods (reg. edibles). घृत आदि से बने सभी पदार्थ गरिष्ठ रस कहलाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]