स्व!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्व – Sra. Self, personal, own.अपना, निजी, आत्मपरक या अपनी जाति से संबंध रखने वाला।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्व – Sra. Self, personal, own.अपना, निजी, आत्मपरक या अपनी जाति से संबंध रखने वाला।
जयंता A city of Videh Kshetra (region), Name of a large well of Nandishvardvip (an island), Name of a female deity resident of Ruchak mountain. विदेह क्षेत्र की एक नगरी , नंदीश्र्वर द्वीप की एक वापी , रूचक पर्वत पर निवास करने वाली एक देवी का नाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादस्ति – Syaadasti The first Bhang of saptbhangi-exposition of the nature of the substance in the aspect of affirmation.सप्तभंगी के 7 भंगो मे प्रथम भंग-स्वद्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव की अपेक्षा द्रव्य कथंचित् अस्ति रुप है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संसार- Sansaara. World, Wordly wandering through birth & death cycle. कर्म के विपाक के वश से आत्मा को भवांतर की प्राप्ति होना संसार है (चारों गतियों में भ्रमण होना) “
जटायु The famous vulture related to mythology. सीता द्वारा वन म,एन श्री सुगुप्ती मुनि को आहारदान के समय वृक्ष पर बैठे गृद्ध पक्षी को जातिस्मरण हो आया . मुनिराज के चरण प्रक्षालन के जल के प्रभाव से उसका शरीर स्वर्णमाय बनम गया आयुर उसका नाम जटायु पद गया . मुनिराज के उपदेश से उसने अणुव्रत…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याच्चेतन – Syaaccetana. Exposition of soul in the aspect of consiousness. चेतन स्वभाव प्रधानता की अपेक्षा जीव का कथन।
जघन्य वर्ग Minimum group or class of particles etc. जघन्य अनुभाग युक्त परमाणु को जघन्य वर्ग कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहचर – Sahachara. Going or associating with, Associate, companion. एक हेतु; जो साध्य के साथ रहता है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभुत्व शक्ति – Vibhutva Sakti. The supreme thought which is pervaded every where. सर्व भावों में व्यापक ऐसी एक भाव रूप शक्ति ” जैसे – ज्ञानरूपी एक भाव सर्व भावों में व्याप्त होता है “