हास्य!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हास्य – Haasya. Laughing or laughter. नोकषाय का एक भेद। हंसने को हास्य कहते हैं।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हास्य – Haasya. Laughing or laughter. नोकषाय का एक भेद। हंसने को हास्य कहते हैं।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिषेण – Harisena. Name of a residential celestial deity, name of the 10th Chakravarti (emperor). भवनवासी देवो का 11 वां इन्द्र। 10 वें चक्रर्ती, ये तीर्थकर मुनिसुव्रतनाथ के तीर्थ मे हुए थे।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिताल – Haritaala. Yellow orpiment, a chemical-arsenic sulphide, name of an island & an ocean of middle universe. पीतवर्ण की एक उपधातु हरताल, मध्यलोक का एक द्वीप व सागर।
देवसमिति A Patal (layer) of 3rd heaven. तीसरे स्वर्ग युगल ‘ब्रह्म-ब्रह्मोत्तर युगल’ का एक पटल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उत्सर्गमार्ग Path of renunciation, a path of conduct of Jaina saints. जैन मुनियों के चरित्र के दो भेदों में प्रथम भेद जहाँपूर्ण त्याग होकर शुद्धोपयोग रूप वीतराग संयम हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरण – Harana. Seizing, carrying off, name of a river of Bharat Kshetra (region). छीनना, भरत क्षेत्र की एक नदी।
देशजिन The Jaina saints possessing high spiritual knowledge. आचार्य, उपाध्याय, साधु देशजिन कहलाते हैं क्योंकि सकलजिनों के समान देशजिन में भी तीन रतन पाये जाते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हंससम श्रोता – Hammsasama Srotaa. The right listeners, accepting meaningful thoughts. श्रोता के 14 भेदो मे एक भेद। जो केवल सार वस्तु को ग्रहण करते है, वे हंस के समान श्रोता है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर निंदा:Defamation of others; slander, Censuring others.नीच गोत्र के आस्त्रव का कारण, दूसरों की बुराई करना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थनुमान – Svaarthaanumaana. Subjective inference (caused by perception of some means). अनुमान के दो भेदो मे एक भेद। परोपदेष के अभाव मे भी केवल साधन से साध्य को जानकर जो ज्ञान देखने वाले को उत्पन्न हो जाता है उसे स्वार्थनुमान कहते है। जैसे धुएॅ को देखकर अग्नि का अनुमान लगा लेना।