पृथिवीकाय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकाय – Prthivikaya. Earth body (earthen), it is an inanimate form. पृथिवीकायिक जीव के द्वारा छोड़े गये शरीर को पृथिवीकाय कहते हैं ” जैसे – ईंट आदि ” जो अचेतन होते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकाय – Prthivikaya. Earth body (earthen), it is an inanimate form. पृथिवीकायिक जीव के द्वारा छोड़े गये शरीर को पृथिवीकाय कहते हैं ” जैसे – ईंट आदि ” जो अचेतन होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकबिंदुसार – Lokabindusaar. The 14th Purva (a part of Shrutgyan – scriptual knowledge) containing mathematical knowledge). 14वां पूर्व ,इसमें बारह करोड़ 50 लाख पद हैं “इन पदों में अंक राशि ,8 प्रकार के व्यवहार की विधि तथा राशि परिकर्म आदि गणित तथा समस्त श्रुत संपदा का वर्णन है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परिमाणगत प्रत्यय :A type of renunciation. प्रत्याख्यान का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमाली – Sumaalee. Name of the grand father of Rivan. रावण के दादा । इन्द्र नामक विद्याधर से हारकर पाताल लंका में रहने लगे थें ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिजात सिध्दार्थ वृक्ष – Parijata Siddhartha Vrksha. Name of a tree with the idols of Lord Siddha found in the 6th land of Samavasaean- holy assembly of Jaina- Lord. तीर्थंकरों के समवसरण की छठी भूमि के चार सिध्दार्थ वृक्षों- नमेरु, मंदार, संतानक एवं परिजात में से एक, जिसके मुलभाग में सिध्दों की प्रतिमाएं विराजमान…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लो –Lo.: A symbolic expression of the volume of universe. घनलोक की सहनानी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पामिच्छ – Pamiccha. A fault of heritage. वसतिका का एक दोष; अल्प ॠण लेकर और उसका सूद देकर अथवा न देकर संयतों के लिए वसतिका लेना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदार्चन – Sadaarcana. Regular worshipping. पूजा के 4 भेदों में एक भेद ” अपरनाम नित्यमह है, प्रतिदिन की जाने वाली पूजन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिप्त –Lipta.: A kind of impurity of hands etc. while food offering to the saints. आहार से सम्बंधित दातार का एक दोष; गेरू ,हरताल,खड़िया,चावल आदि का चून, कच्चा शाक इसमें लिप्त हाथ तथा पात्र अथवा अप्रासुक जल से भीगे हाथ या बर्तन से साधु को आहार देना “