पुण्यहीन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यहीन – Punyahina. Inauspicious, Unvirtuous. भाग्यहीन “
उदयचन्द्र Name of an Acharya of Nandi group, Name of a poet. नन्दी]संघ (देशीयगण) की नयकीर्ति शाखा के एक गुरू अपभ्रंश कवि इनकी प्रधान कृति सुअंधदहमीकहा है (समय ई. सन् ११५० ११९६) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यक्ति –Vyakti Person, one that can be described or expressed. मनुष्य, जो व्यक्त होता हैं उसे व्यक्ति कहते हैं (अपरनाम अभिव्यक्ति ) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तार रूचि –VistaraRuchi. Those having interest of thorough study. शिष्यों के तीन भेदों, में एक भेद, विस्तार से समझने की रूचि रखने वाले शिष्य “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुचिदत्त – Shuchidatta. The 4th chief disciple of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर के चौथे गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुक्ति – Shukti Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरत क्षेत्र के शुक्तिमती नदी पर स्थित एक नगर “
एकदेश विरति Limited abstinence. देशव्रत- पापों का स्थूल रूप से त्याग करना(पंचम गुणस्थानवर्ती जीव)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विचरमावली A time period (last 2 Avali). अंतिम दो आवली। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेधा–Medha. Mental power, Intelligence, judgement power. बुद्धि, धारणा शक्ति, जिसके द्वारा पदार्थ जाना जाता है उस अवग्रह का नाम मेधा है”