चक्रेश!
चक्रेश See – Cakravartî. चक्ररत्न के स्वामी , देखें- चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्रेश See – Cakravartî. चक्ररत्न के स्वामी , देखें- चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव – Vibhava. Passionate feelings ( i.e feelings contrary to real nature ) due to the fruition of Karmas. कर्मों के उदय से होने वाले जीव के रागादि भावों को विभाव कहते हैं “
चंद्रग्रहण An eclipse of the moon. राहु का चन्द्रमा को आच्छादित करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयातीत – Vishayatita. Supreme bliss. विषयों की निवृति से उत्पन्न होने वाला सुख अर्थात् संसार के विषयों से अतीत स्वाधीन अव्याबाध सुख “
गुह्यक भगवान महावीर का शासन देव (अपरनाम-मातंग यक्ष), देवों की एक जाति; जो देव तीर्थंकरों के कल्यानाकों तथा विहार के समय रत्नवृष्टि औत पुष्पवृष्टि करते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विन्दफल – Vindaphala.: Volume,space occupied. आयतन ,घनफल ,विस्तार “
एक सौ उन्हत्तर A number – 169 (169 super human beings). 169-169 दिव्य पुरूष (महापुरूष ) कहे जाते हैं(तिलोयपण्णत्ति के अनुसार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणित Multiplied. गुणाकार विधि में गुण्य राशि को गुणाकार द्वारा गणित कहा जाता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वारिषेण – Vaarishena.: The son of king Shrenik who ultimately became deity in the heaven, Name of an Anuttaropapadak in the era of Lord Mahavira. राजा श्रेणिक का पुत्र ,मुनि हो स्वर्ग में देव हुआ ,भगवान महावीर के तीर्थ के एक अनुत्तरोपपादक “
गन्धर्वसेन The father of the king Vikramaditya. राजा विक्रमादित्य के पिता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]