यम(लोकपाल)!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यम(लोकपाल)–Yam (Lokapala). Name of Vidhyadhar. कालाग्रि विधाधर का पुत्र, इंद्र द्वारा इसको किष्कुपुर का लोकपाल बनाया गया था” अन्त में यह रावण द्वारा हराया गया”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यम(लोकपाल)–Yam (Lokapala). Name of Vidhyadhar. कालाग्रि विधाधर का पुत्र, इंद्र द्वारा इसको किष्कुपुर का लोकपाल बनाया गया था” अन्त में यह रावण द्वारा हराया गया”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति संक्रमण – Sthiti Samkramana. Transition of karmic states.मूल व उत्तर प्रकृतियो की जो स्थिति उद्वर्तित या अपवर्तित की जाती है अथवा अन्य प्रकृति को प्राप्त कराई जाती है उसे स्थ्तिि संक्रमण कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरक्त – Virakta. One with aversion from the worldly life (attach-ments), indifferent, A recluse. उदासीन, सांसारिक राग या लालसा से मुक्त, जो इन्द्रिय विषयों से विरक्त होता है “
चौल क्रिया An auspicious act of mundane life, shaving of the head. गर्भान्वय क्रिया का एक संस्कार ; मुंडन कर्म ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थावर शरीर नामकर्म प्रकृति – Sthaavara sariira Naamakarma prakrti. Physique making karmic nature causing birth as one-sensed being.जिसके उदय से एकेन्द्रियो मे उत्पत्ति होती है वह स्थावर नामकर्म प्रकृति है।
चूली A fire place (used for cooking food). पूतिकर्म का एक भेद , पंचसून आरम्भ में एक ; चूल्हा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थंडिल – Sthamdila. Sterilized place etc.सूक्ष्म जीवो की आशंका से रहित प्रासुक स्थान आदि।
चतुर्मुख Having four faces (reg. Lord Arihant in Samava- sharan), Name of a city in southern Vijayardh mountain, Name of the 7th Narad (a learned sage). समवशरण में अर्हन्त भगवान् का चारों दिशाओं में मुख दिखाई देना, विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर, सातवें नारद का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मइजिण चरिउ – Sammaijina Chariu. Name of a treatise in Apabhransh language written by poet Raedhu on the conduct of lord mahavira. भगवान महावीर के चरित्र विषयक अपभ्रंष भाषाबद्व कवि रइधू कृत ग्रंथ। समय ई. 1400-1479।