पार्श्वनाथ स्त्रोत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ स्त्रोत – Parsvanatha Stotra. A philosophical hymn written by the poet Padmaprabh. कवि पद्मप्रभ (ई. श. १२ का मध्यपाद) द्वारा रचित एक स्तोत्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ स्त्रोत – Parsvanatha Stotra. A philosophical hymn written by the poet Padmaprabh. कवि पद्मप्रभ (ई. श. १२ का मध्यपाद) द्वारा रचित एक स्तोत्र “
दशरथ Father’s name of Ram, Lakshman, Bharat & Shatrughna. राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के पिता का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वयोवृद्ध – Vyovraddha: Old persons,Aged or senior. उम्र में बड़े ; वृद्ध लोगों की संगति सेवा से अनुभव चारित्र आदि में वृद्धि होती है, मन निर्लेप होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भय संज्ञा – Bhaya Samjna. Fear instinct. ४ संज्ञाओं में एक संज्ञा; जिससे बचने की व छिपने की इच्छा होती हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोरम- Manorama. A type of peripatetic deities , Another name of Sumeru mountain. किन्नर नामक व्यंतर जाति का एक भेद , सुमेरु पर्वत का अपर नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नो संसार – No Sansaara. State of supreme soul (omniscient) before getting salvation. चतुर्गति में परिभ्रमण न होने से तथा अभी मोक्ष की प्राप्ति न होने से सयोगकेवली की जीवन्मुक्त अवस्था ईषत्संसार यो नोसंसार है “
चतुराश्रम The four stages of life. ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , वांप्रष्ठ व सन्यास आश्रम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरवित –Viravit Name of the disciple of Sinhbal and spiritual teacher of Padmasen पुन्नाटसंघ की गुर्वावली के अनुसार सिंहबल के शिष्य तथा पश्नसेन के गुरु ” समय – ई. श. ७ अंतपाद “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरति – Virati. To be free from worldly attachments or sins i.e. desirelessness. विरक्त होना, हिंसादी पापों से छुटना, उदासीनता “
उनचास Forty-nine. एक संख्या सहनानी रज्जूप्रतर रज्ज2(7)2=49। एक बार सम्मेदशिखर की वंदना करने वाला भव्य जीव अधिकतम 49 भव में नियम से मोक्ष प्राप्त करता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]