परमाध्यात्मतरंगिनी!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमाध्यात्मतरंगिनी: A book written by Acharya Shubhchandra Bhattarak.आचार्य शुभचन्द्र भटटारक (ई0 1516) कृत एक संस्कृत टीका।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमाध्यात्मतरंगिनी: A book written by Acharya Shubhchandra Bhattarak.आचार्य शुभचन्द्र भटटारक (ई0 1516) कृत एक संस्कृत टीका।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नप्रभा – अघोलोक की प्रथम भूमि,रूढि का नाम घम्मा है। यह एक लाख 80 हजार योजन मोटी हैं। इसके तीन भाग है – खर भाग, पंक भाग अब्बहुल भाग। इसमे खर भाग पंक भाग में भवनवासी और व्यंतर देवो के भवन है। आंैर तीसरे भाग अब्बहुल में नारकियों के भवन है। Ratnaprabha- Name of…
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिनयान – Hiinayaana. Name of a Bauddha sect. एक बौद्व सम्प्रदाय, अपरनाम स्थविरवादी, ये रुढि़वादी है एवं इसके वैभाषिक व सौत्रांतिक दो भेद है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नसंश्रवा – सुमाली का पुत्र तथा रावण का पिता। Ratnasrava- Father’s name of ravan
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसात्व – Himmsaatva. Violenceful or violent sentiments. हिंसा का भाव।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लघुमासिक प्रायष्चित – एक प्रकार की प्रायष्चित विधि। Laghumasika Prayascitta-A kind of repentance
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हस्त – Hasta. Name of the 11th lunar among 28, the foream (a unit of measurement). 28 नक्षत्रों मे 11 वां नक्षत्र, इसका अधिपति देवता दिनकर है, क्षेत्र का एक प्रमाण, 2 विवक्षित वितस्ति ़1 विवक्षित हस्त।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योतिमती तिर्यंचनी तिरष्ची – भाव स्त्रीवेद के उदय तिर्यच, तिर्यचनी, जिनका द्रव्यवेद पुरूश स्त्री या नपुंसक कोई भी हो सकता है। Yonimati Tiryarhcani (tirasci)-Those Tiryanch beings who are female according to Bhav ved but who might be male, female or hermaphrodite according to Dravya ved