रूज!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूज – रोग। Ruja-dieses, Illness
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तकरण – Saptakarana. Seven types of karan (conduct, disposition, operation). सात करण-अंधःकरण, अपूर्वकरण, अनिवृत्तिकरण, क्रमकरण, अन्तरकरण, देशघातीकरण, आयुक्तकरण।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतेशवैभव – Bharatesavaibhava. Name of a book written by a poet Ratnakar. कवि रत्नाकर (ई.१५५१) कृत एक ग्रंथ “
घटयात्रा An auspicious pitcher-procession for carrying water to perform purificatory rites. It is generally conducted by the married woman. मंदिर शुद्धि , वेदी शुद्धि , शिखर शुद्धि हेतु तथा पंचकल्याणक आदि के प्रारम्भ में सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा विशेष विधिपूर्वक नदी, सरोवर या कुएं से मंगल कलशों में भरकर जल लाने के .लिए निकाली जाने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमती – बीसवी सदी की एक प्रसिद्ध आर्यिका,जो गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की गृहस्थावस्था की मा थी।सन् 1924 मे इनका जन्म महमूदाबाद में हुआ, इन्होंने अपने विवाह में पिता से दहेज मे प्राप्त पùनंदी पंचविंषतिका ग्रथ का स्वघ्याय करके अपने जीवन को सुसंस्कृत किया। जिसके फलस्वरूप इनकी संन्तानो में भी त्याग के बीज…
गोमेदक Name of an earth layer in the base of Ratnaprabha earth, A precious stone. रत्नप्रभा पृथ्वीके खरभाग के १६ पटलों में एक पटल का नाम, एक कीमती पत्थर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्नासन्न – Sannaasanna. A unit of area measurement. क्षेत्र का एक प्रमाण विषेष, 8 अवसन्नासन्न = 1 सन्नासन्न।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नप्रभ – रूचक पर्वत का एक कूट Ratnaprabha- Name of a summit situated at Ruchak Mountain
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मा – Suddhaatmaa. The passionless supreme soul. राग-द्वेषादि रहित वीतरागी शुद्ध आत्मा “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदकषाय:Virtuous nature of one, less passionate. सभी से प्रिय वचन बोलना, खोटे वचन बोलने पर दुर्जनों को भीक्ष मा करना, सभी के गुणों को ग्रहण करना आदि अर्थात्शुभलेश्या रूप परिणामों का होना मंदकषाय है “