चतुर्दश राजू!
चतुर्दश राजू Fourteen Raju, measure of the universe. १४ राजू , लोक का प्रमाण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्दश राजू Fourteen Raju, measure of the universe. १४ राजू , लोक का प्रमाण ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्री परिषह जय – Stri Parisaha Jaya. Victory over the woman-affliction causing sexual troubles.एकांत उद्यान या भवन आदि स्थानो मे यौवन से उन्मत्त स्त्रियो के द्वारा बाधा पहुुंचाये जाने पर भी कामविहार से विचलित नही होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्यकिपुत्र – Satyakiputra. Name of the 11th Rudra. वर्तमान कालीन 11वां रूद्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचेतन – Sanchetana. Consciousness. किसी के प्रति एकाग्र होकर ही अनुभवरूप स्वाद लेना उसका संचेतन कहलाता हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] Svabhaava Kriyaa. Natural activities (of all matters). ग्तिरुप ंिक्रया के 10 भेदो मे एक भेद। जीवो की स्वभाव क्रिया सिद्वि गमन और पुद्गलो की स्वभाव क्रिया परमाणु की गति है।
चार्वाक Speaking agreeably, The name of a materialistic philosophy. सर्वजनप्रिय होने की संज्ञा , नास्तिक मत को मानने वाला एकांत दर्शन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदीरणा Premature fruition of Karmas. स्थिति बिना पूरी किये ही कर्मों का फल देना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूर – Shoora. One conqueror of all passions & afflictions, Name of a country of Bharat Kshetra Arya Khand (region), The grand father of Lord Neminath. परिषहों, कषायों और काम, मोह आदि के विजेता शूर कहलाते हैं, भारतक्षेत्र आर्यखण्ड का देश, भगवान नेमिनाथ के बाबा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा परिच्छेद – Bhasha Pariccheda. Name of a book written by Vishvanath. विश्वनाथ कृत वैशेषिक दर्शन का एक ग्रंथ “
चित्रलाचरण Variegated (unstable) conduct (having different types of nature). मन को जो प्रमादस्वरुप करे वह चित्तल एवं ऐसे चित्तल आचरण वाला चित्रलाचरण होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]