साधारण वनस्पति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण वनस्पति – Saadhaarana Vanaspati. General vegetation. वनस्पति के दो भेदों में एक भेद । जिस वनस्पति के आश्रित साधारण जीव होते है वह साधारण कहलाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण वनस्पति – Saadhaarana Vanaspati. General vegetation. वनस्पति के दो भेदों में एक भेद । जिस वनस्पति के आश्रित साधारण जीव होते है वह साधारण कहलाती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमार्थ:Highest truth or merit, Release from rebirth, ultimate or transcendental reality.उत्कृष्ट अर्थ, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष, लक्षण वाले परमार्थो में जो परम उत्कृष्ट है, ऐसा मोक्ष लक्षण वाला अर्थ परमार्थ कहलाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यौग – नैयायिक दर्षन का अपरनाम। Yauga-The other name of Naiyayik philosophy
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सादि बंध – Saadi Bandha. Rebinding of karmas. जिस कर्म प्रकृति के बन्ध का अभाव होकर पुनः बन्ध होता है वह सादिबन्धी प्रकृति कहलाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल – Sakala. The whole, complete, entire, With body. पूर्ण, सर्व, शरीर सहित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेचक – प्राणयाम का एक स्वरूप ष्वास को बाहर निकालना केवली समुद्रधात में होने वाली आत्मप्रदेषों की अन्तिम उपसंहार की अवस्था। Recaka-Breathing out, a possession of meditation
तीर्थ दर्शन Paying reverence (in direct or indirect way) to place of pilgrimages. संयम की विराधना न करते हुए तत्पर मन से तीर्थ वंदना करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजस दान – जो दान थोडे समय के लिए सुन्दर और चकित करने वाला हो एवं अपते यष और ख्याति के लिए किया गया हो। Rajasa Dana- Donation for own popularity or fame
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सागर – Saagara. Ocean, sea, name of the main questioner in the assembly of Lord Ajitnath. समुद्र, मध्यलोक मे द्वीपांे का वेष्टित करते हुए एक के पीछे एक असंख्यात सागर है। तीर्थकर अजितनाथ का मुख्य प्रश्नकर्ता।
उष्माहार One of the figs – a fruit, not edible according to Jain philosophy . देखें-ओजाहार।[[श्रेणी:शब्दकोष]]