ग्राह्य-ग्राहक भाव!
ग्राह्य-ग्राहक भाव Sentimentally acceptance of matters. भावेंद्रिया के द्वारा ग्रहण किए गए इन्द्रियों के विषयभूत पदार्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्राह्य-ग्राहक भाव Sentimentally acceptance of matters. भावेंद्रिया के द्वारा ग्रहण किए गए इन्द्रियों के विषयभूत पदार्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रिट्ठणेमिचरिउ – कवि स्वंयंभु कृत भगवान नेमिनाथ का जीवन वृत्त।18000 ष्लोक प्रमाण अपभ्रंष काव्य। Ritthanemicariu-Name of a religious book written by a poet Svayambhu
चरू Naivedya (edible articles), an offering article of worshipping. पूजा का एक द्रव्य, नैवेद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुमास – Madhumasa. Spring season. बसंत ऋतु (चैत्र एवं वैशाख ये दो मास बसंत ऋतु के कहलाते हैं) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमुक्तावली व्रत – एक व्रत इसमे 343 दिन मे 284 उपवास एवं 59 पारणाए की जाती है Ratnamuktavali Vrata- A particular kind of procedural vow of 284 fasting and 59 food taking days (parnas)
चंद्रभागा The present Chinab river of Punjab. पंजाब की वर्तमान चिनाब नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मत्स्ययुगल – Matsyayugala. A pair of fish – a dream seen by mother of Tirthankar (Jaina- Lord). तीर्थंकर की माता के 16 स्वप्नों में एक स्वप्न ; मछलियों का एक जोड़ा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल – देवनागरी लिपि का अट्ठाईसवां व्यंजन इसका उच्चारण स्थान दंत है। La-The 28th consonant of Devanagari syllabary ल – लक्ष एक लाख की सहनहानी। La- a symbol for one hundred thousand
चक्रवर्ती Universal monarch, world conqueror, emperor. चक्ररत्न का स्वामी . यह षट्खण्डाधिपति , दिग्विजई, ३२ हजार राजाओं का अधिराजा , १४ रत्नों , ९ निधियों का तेजस्वी अधिपति होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिकेतु – Maniketu. The name of a very small comet & of a deity. एक बहुत छोटा पुच्छल तारा , एक देव जिसने स्वर्ग में की गई प्रतिज्ञानुसार युक्ति पूर्वक सगर चक्रवर्ती के पास जाकर उन्हें वैराग्य धारण कराया था “