भविष्यवाणी!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यवाणी – Bhavisyavani. Predictions, prophesy. भविष्य में होने वाली शुभ –अशुभ आदि घटनाओं का वर्तमान में उल्लेख करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भविष्यवाणी – Bhavisyavani. Predictions, prophesy. भविष्य में होने वाली शुभ –अशुभ आदि घटनाओं का वर्तमान में उल्लेख करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाज्य – Bhajya. Divisible, Portion, Dividend. वह संख्या जो भाजक द्वारा भाग दी जाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभांत – Nabhamta A city in the south of Vijayardh mountain विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == विवेक : == नो छादयेन्नापि च लूषयेद् , मानं न सेवेत प्रकाशनं च। न चापि प्राज्ञ: परिहासं कुर्यात् , न चाप्याशीर्वादं व्यागृणीयात्।। —समणसुत्त : २३९ (अमूढ़दृष्टि या विवेकी) किसी के प्रश्न का उत्तर देते समय न तो शास्त्र के अर्थ को छिपाए और न अपसिद्धान्त के द्वारा शास्त्र…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वामन मुनि –Vaamana Muni.: Name of a writer of ‘Memandra Puran’(a treatise). मेमंदर पुराण के रचयिता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुण्यप्रकृति – Punyaprakrti. Meritorious Karmic nature (are 68 in Jaina philosophy). कर्मों की ६८ प्रकृतियाँ पुण्यरूप हैं, साता वेदनीय, नरकायु के बिना तीन आयु, उच्चगोत्र, मनुष्यदिक्, देवदिक्, पाँच शरीर आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागास्त्र – Nagastra A type of armament in the form of snake. नागरुप एक अस्त्र, इसे नष्ट करने के लिए गरुड़ अस्त्र का प्रयोग किया जाता है ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजगार बंध – Bhujagara Bandha. Binding of Karma increasingly. जहां पहले थोड़ी कर्म प्रक्रति का बंध होता था फिर अधिक – अधिक बंध हो वह भुजगार बंध है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष्णुनंदि –Visnunandi. Name of an omniscient after Lord Mahavira. भगवान महावीर के बाद हुए पंचम श्रुतकेवली, समय – ई. पू. ४६५-४५१, अपरनाम नंदि था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंजिका – Panjikaa. A descriptive book of odd items. वृत्तिसूत्रों के विषम पदों को स्पष्ट करने वाले विवरण को पंजिका कहते हैं “