उत्सरण!
उत्सरण Progression, Increasing. उत्कर्षण स्थिति बंध बढ़ाकर एक-एक अन्तर्मुर्हूत समान बंध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्सरण Progression, Increasing. उत्कर्षण स्थिति बंध बढ़ाकर एक-एक अन्तर्मुर्हूत समान बंध करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोपुर Houses constructed on the door of rampart. कोटों के दरवाज़ोन पाकर जो घर बने होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जगत्सृष्टा Supreme being, the creator of the universe. जगत् को बनाने वाला अर्थात् कर्मरूपी ईश्वर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत् The same (pronoun), that thing, A stringed musical instrument. सर्वनाम पद पूर्व प्रकरण में आये हुए अर्थ का परामर्शक होता है तार से बजाये जाने वाले वीणा आदि वाद्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गूढ़दन्त Name of the 4th predestined Chakravarti (emperor). भविष्यकालीन चौथे चक्रवर्ती का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जघन्य ज्ञान Minimum knowledge. पर्यायज्ञान ; सूक्ष्म निगोदया लब्ध्यपर्याप्तक के सबसे जघन्य ज्ञान होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
णमोंकार यंत्र A metallic plate engraved with some auspic-ious mystic words ¯amokåra Ma´tra or some numbers. णमोकार मंत्र या अंक लिखित धातु की प्लेट । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
गजकुमार The son of Vasudeva and younger brother of krishna. अनंतकृत केवली वसुदेव का पुत्र, कृष्ण का अनुज, विरक्त होने पर जिसके ससुर सोमशर्मा ने क्रोध्हग्नी के कारन सर पर जलती हुई सिगडी रखी थी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छाया-व्याख्या टीका A book written by Nagoji Bhatta. योगदर्शन साहित्य प्रवर्तक नागोजी भट्ट (ई.श. १७) कृत एक रचना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सल्लेखना काल – Sallekhanaa kaala. Time duration of Salekhana (holy death of saints). रागादि विकल्पों के कृष करने रूप भाव सल्लेखना तथा उसी के अर्थ में कायक्लेषादि के अनुष्ठान रूप् द्रव्यसल्लेखना है इन दोनों का आचरण करना सल्लेखना काल है।