स्वात्मा!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वात्मा -Svaatmaa. The own soul. आत्म द्रव्य, निज स्वरुप।
धर्म(नाम) Name of chief disciples (Gandhars) of Lord Vasupujya and Lord Shreyansnath, Name of the 3rd Baldev, Another Name of Acharya Dharmasen. वासुपूज्य एवं श्रेयांसनाथ भगवान के प्रमुख गणधर, तीसरे बलदेव, श्रुतकेवली आचार्य धर्मसेन का अपरनाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांव्यवहारिक प्रत्यक्ष – Saamvyavahaarika Pratyaksha. Right sensual apprehension or perception. प्रत्यक्ष के दो भेदो मे एक भेद जो ज्ञान इन्द्रिय और मन की सहायता से पदार्थ को एकदेष स्पष्ट जानता है। उसे सांव्यवहारिक प्रत्यक्ष कहते है। यद्यपि सैद्वान्तिक दृष्टिकोण से यह परिभाषा परोक्ष ज्ञान मे धटित होती है परन्तु न्याय की भाषा मे इसे…
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धनकुमार चरित्र A book written by Acharya Gunbhadra. आचार्य गुणभद्र(ई. 1182) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सल्लेखना – Bhava Sallekhana. Auspicious and holy death with destruction of passions. राग, द्वेष और मोह से रहित होकर मृत्यु को प्राप्त करना “
द्वैधीभाव Dual nature as a virtue of king. राजा का एक गुण शत्रुओं में यथावश्यक संधि और विग्रह करा देना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनसार- आचार्य कुन्दकुन्द (ई. 127-179) कृत ज्ञान, ज्ञेत व चारित्र विशयक एक प्राकृत ग्रंथ। Pravacanasara- A prakrit treatise written by Acharya Kundkund
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]