भैरव पद्मावती कल्प!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैरव पद्मावती कल्प:Name of a book related to mystical formulae. मंत्र-तंत्र विषयक एक ग्रन्थ “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैरव पद्मावती कल्प:Name of a book related to mystical formulae. मंत्र-तंत्र विषयक एक ग्रन्थ “
चातुर्दीपिक भूगोल The name of an ancient composition of geography. एक भूगोल जो रायकृष्णदास जी के लेख के अनुसार वैदिक धर्मं में मान्य सप्तद्वीपिक भूगोल से अधिक प्राचीन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिबोध चिंतामणि – Pratibodha Chintaamani. Name of book related to a story of Mulsangh. एक ग्रंथ जिसमें मूलसंघ की उत्पत्ति की कथा उल्लेखित है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यज्ञोपवीत–Yagyopavit. Sacred thread (used for sanctifying or purificatory rites). एक संस्कार; चक्रवर्ती भरत ने 11 प्रतिमाओ के विभाग से वृतो के चिन्ह स्वरुप एक से लेकर 11 तार के सूत्र व्रतियो को दिये थे, जनेऊ; रत्नत्रय एवं सात परम स्थानो का सूतक 3 व 7 तारो का सूत्र” सभी पूजन–दान आदि क्रियाओ में…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपादन – Pratipaadana. Afirming, Representing, Expounding, Proving. व्याख्यान, विस्तृत रूप से प्रस्तुत करना “
दुष्टनिग्रह To punish the corrupted, wicked or vicious persons. दुष्टों को दंड देना(राजा या क्षत्रिय का एक कत्र्तव्य)। [[श्रेणी:शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिघात कर्म – Pratighaata Karma See – Pratighaatkarma. देखें – प्रतिघतकर्म “
देव God, Deity, Celestials. देव शब्द का प्रयोग अर्हंत व सिद्ध भगवन्तों के लिए तथा देवगति में जन्म लेने वाले संसारी जीवों के लिए होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]] या Name of an Acharya possessing knowledge of 11 Angas and 10 Purvas. भद्रबाहु प्रथम (श्रुतकेवली) के पश्चात् दसवें आचार्य जो 11 अंग व 10 पुर्व…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरांगुल – Prataraangula. A unit of area measurment. सूच्यंगुल के वर्ग को प्रतरांगुल कहते है “
देवगति प्रयोग्यानुपूर्वी Shape of the previous body in transmigratory phase while tending to the celestial state (A karmic nature). नामकर्म, देवगति में जा रहे जीव के आत्मप्रदेशों का आकार पूर्व शरीर आकारवत् रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]