परमेष्ठीगुण व्रत!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठीगुण व्रत:A type of vow ( related to virtues of Parmeshthis).प्ंच परमेष्ठी के कुल 143 गूुणों के विषेष तिथियों में उपवास एवं नमस्कार मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठीगुण व्रत:A type of vow ( related to virtues of Parmeshthis).प्ंच परमेष्ठी के कुल 143 गूुणों के विषेष तिथियों में उपवास एवं नमस्कार मंत्र का त्रिकाल जाप्य करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधारण कायिक जीव – Saadhaarana Kaayika Jiiva. Vegetation like common aquatic plant (one sensed beings according to Jaina Philosophy). वनस्पति। जो एक शरीर बहुत जीवों का होता है वह साधारण शरीर कहलाता है। ऐसा साधारण शरीर जिन जीवों का होता है वे साधारण जीव कहलाते है। साधारण शरीर में रहने वाले सभी जीवों का…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोदेव – यषास्तिलकचम्पू के कत्र्ता सोमदेव के दादा गूरू और नेमिदेव के गुरू। समय ई – 918 – 943। Yasodeva-The writer of Yashastilakchampu
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सात्विक दान – Saatvika Daana. Right donation. जिस दान से अतिथि का हित हो, जिसमे सुपात्र का निरीक्षण स्वयं दाता के द्वारा किया गया हो और दाता मे श्रद्वा आदि समस्तगुण हो वह सात्तिव-दान है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राग लोकेषणा – षुभ कर्मो से पुण्य की चाह। Ragalokesana- longing for virtuous life by auspicious karmas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम – शरीर के समस्त छिद्रो मे स्थित सूक्ष्म बाल।आदारिक षरीर में रोमो का प्रमाण 80,000,00 करोड है। Roma-Small hair in the pores in the body
ऊर्जाहार Absorptional intake, Energy intake . ओज आहार पक्षियों के द्वारा अण्डे सेते समय जो ऊष्मा दी जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योषित – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti