दुर्भिक्ष!
दुर्भिक्ष Dearth, Famine. अकाल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ततक The first Patal (layer) of the 2nd hell. द्वितीय नरक का प्रथम पटल। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
छायावत् Liberated soul, like reflected image. मुक्तजीव ; छाया के प्रतिबिम्ब के समान पुरूष के आकार को धारण करने वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तंतुचारण ऋद्धि A supernatural power for becoming so small as to walk on the spider’s web. ऋद्धिः जिसके प्रभाव से मुनिजन अति लघु होकर मकड़ी के तंतु के ऊपर चरण रखमे हुए उसे बिना बाधा पहुँचाये गमन करते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
जम्बूस्वामीचरित्र Name of a book written by Pandit Rajmalla. पं. राजमल (ई. १५७५-१५९३) द्वारा रचित संस्कृत काव्य , इसमें २४०० पद एवं १३ सर्ग हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ठकाप्पा (कवि) Name of a Marathi poet. एक मराठी कवि जिन्होंने पाण्डव पुराण की रचना की । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपभोग लोभ Greediness (in consumption etc.) . लोभ का एक भेद उपभोग वस्तुओं के प्रति आसक्ति।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छिद्र(घटाछिद्र) Hole, opening, A type of listener, totally unable to understand any preaching. छेद, श्रोता का एक भेद- जिसके हृदय में कुछ भी उपदेश नहीं ठहरे ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानशन – Sarvaanashana. A type of great austerity pertaining to renunciation of food upto holy death. अनषन तप के दो भेदों में एक भेद, मरण समय में अर्थात् सन्यास काल में मुनि सर्वानषन तप करते है। भक्तप्रत्याख्यान, इंगिनीमरण, प्रायोपगमनमरण अथवा अन्य भी अनेकों प्रकार के मरणों में जो मरण प्र्यत आहार का त्याग करना…