गुणानुराग!
गुणानुराग Devotion towards virtues. गुणों एवं गुणवनों के प्रति भक्ति होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणानुराग Devotion towards virtues. गुणों एवं गुणवनों के प्रति भक्ति होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयकर्म – Vinayakarma. Serving activity, to attend on, to look after. एक कृतिकर्म; सूश्रूषा करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रिभोजनत्यागव्रत कथा – नेमिदत्त कृत एक गं्रथ। Ratribhojanatyagavrata katha-name of a religious book written by a celibate Brahamachari nemidatta
खंड Part, Division, fragment, chapter, Section. भाग, हिस्सा, शास्त्र आदि का भाग, मकान का हिस्सा आदि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप्यमाषफल – तौल का प्रमाण विशेश। Rupyamasaphala-A weighing unit
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनिभद्र–Munibhadra. Name of a Acharya. एक आचार्य (ई. सन1350–1390) जिनके शिष्य ने पर्मात्मप्रकाश ग्रंथ पर कन्नड़ टीका लिखी है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोगपरिशहजय – 22 परिशहो में एक परिशह, असाध्य पीडा को उसके प्रतिकार की कामना रहित होकर साधु द्वारा समतापूर्वक सहन करना। रोग परिशह जय कहलाता हैं। Rogaparisaha Jaya-To bear afflictions of disease
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == धैर्यवान : == विसयजलं मोहकलं, विलास बिव्वो अजलयराइन्नं। मयमयरं उत्तिन्ना, तारुण्ण महन्नवं धीरा।। —इन्द्रियपराजयशतक : ४३ जिसमें विषयरूपी जल है, मोह की गर्जना है, स्त्रियों की विलासभरी चेष्टा रूप मत्स्य आदि जलचर जीव हैं और मद रूपी जिसमें मगरमच्छ रहते हैं ऐसे तारुण्य रूपी समुद्र को धीर पुरुषों…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध राशि – प्राप्त की गई राषि। Labdha rasi-Gained amount or quantity of something
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोक्त्रत्व:Power of experiencing joy & sorrow. जीव की सुख-दुःख भोगने की शक्ति “