वत्सा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वत्सा –Vatsaa: Name of a country of Videh Kshetra (region). जम्बू द्वीप के विदेह क्षेत्र में सीता नदी और निषध पर्वत के मध्य स्थित 8 देशों में प्रथम देश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वत्सा –Vatsaa: Name of a country of Videh Kshetra (region). जम्बू द्वीप के विदेह क्षेत्र में सीता नदी और निषध पर्वत के मध्य स्थित 8 देशों में प्रथम देश “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोआगम द्रव्य भाव – Noaagama Dravya bhaaava. A type of Bhav Nikshep. भाव निक्षेप का एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूद्र – 88 ग्रहो में एक, तीसरे रूद्र एवं तीसरे नारद का नाम, जिनदीक्षा लेने के उपरान्त संयम भ्रष्ट होकर रौद्र कार्य करने लगते है। ये दसवें विद्यानुवाद पूर्व का अध्ययन करते समय विशयासक्त होकर तप से भ्रष्ट हो जाते है। और नरकगामी होते है।रूद्र 11 होते है। Rudra-name of a planet, Name of…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाति – Bhiti. Fear, A super power possessed by Ravana, creating fear to enemy. भय, रावण को प्राप्त एक विधा ” इस विधा से शत्रु पक्ष में भय उत्पन्न किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक दुःख – Naimittika Dukha . Distress arising due to external causes. बाह्य निमित्तों से उत्पन्न दुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्कार – Satkaara. Respect, Reverence, Honour, Reception. आदर, सम्मान, विनय, पूजा-प्रशंसा “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रनंदि – Vajranandi Name of a disciple of Gunnandi of Nandi group and a disciple of Acharya Pujyyapad who established Dravid group. नंदिसंघ बलात्कारगण के अनुसार गुणनंदि के शिष्य तथा कुमारनंदि के गुरु ” समय –ई . 442 – 464 ,आचार्य पूज्यपाद के शिष्य ” गुरु से बिगड़कर द्रविड़संघ की स्थापना की ” कृतियां…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिनाथपुराण – Neminaathapuraana. A book written by brahmchari Nemidatta. ब्र. नेमिदत्त (ई. 1528) कृत एक संस्कृत ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्ता-गौण उत्पाद-व्यय ग्राहक नय – Satta-Gauna Utpaada-Vyaya Graahaka Naya. A standpoint emphasizing the property of production & destruction of matterds reather than their permanence. पदार्थ में विद्यमान गुणों की अपेक्षा को मुख्य न करके उत्पाद व्यय ध्रौव्य के आधीनपनें रूप से द्रव्य को विनाश व उत्पत्ति स्वरुप माननेवाला सत्तानिरपेक्ष या सत्ता-गौण उत्पाद-व्यय ग्राहक नय…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतल वायु – Sheetala Vaayu. One of the 14 divinely excellences of lord arihant- gentel breeze (wind). अरहंत के देवकृत 14 अतिशयों में एक अतिशय; वायु कुमार देव द्वारा शीतल पवन चलाना “