मेहेसरचरीउ!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेहेसरचरीउ–Mehesrachriu. Name of a book. सुलोचनाचारित्र विषयक अपभ्रंश भाषा का एक ग्रंथ”
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[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादसिद्वि – Syaadvaadasiddhi. Name of a treatise written by Acharya Vadibhisingh. आचार्य वादीभसिह (ई0 1103) द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्व न्याय विषयक ग्रन्थ।
चतुर्दश गुणस्थान Fourteen Gunsthan-stages of spiritual developments. १४ गुणस्थान ; मिथ्यात्व , सासादन , मिश्र , अविरत सम्यग्दृष्टि , देशाविरत , प्रमत्त , अप्रमत्त, अपूर्वकरण , अनुवृत्तिकरण, सूक्ष्म-साम्पराय , उपशांत मोह , क्षीणमोह , संयोगकेवली, आयोगकेवली ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जन्मरहितता Immortality, a virtue of Siddhas (super beings). सिद्धों का एक गुण जो आयुकर्म नष्ट होने पर प्रगट होता है -अवगाहनत्व या जन्म-,अरण रहितता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादमूर्त – Syaadamuurta. Non-physical nature (in some aspect).परमभाव ग्राहक द्रव्यार्थिक नय की अपेक्षा पुद्गल के अतिरिक्त जीव, धर्म, अधर्म, आकाश और काल द्रव्य कथंचित् अमूर्तस्वभाव वाले है।
जन्माभिषेक Auspicious bathing (anointment) of Jaina Lord. सौधर्म-ईशान इन्द्रों द्वारा पांडुकशिला पर बाल तीर्थंकर की अभिषेक क्रिया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यंदन – Syammdana. Splendourous chariots of Cghakravarties (emperors).रथ-चक्रवर्ती बलदेवो के चढ़ने योग्य जो होते है एवं सर्व आयुधों से परिपूर्ण पवन के समान वेग वाले, धुर के टूट जाने पर भी जिनके चक्करो की रचना इस प्रकार की होती है कि गमनागमन मे बाधा नही पड़ती वे स्यंदन कहलाती है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लंका – 1 जम्बुद्वीप के लवण समुद्र के अन्दर स्थित राक्षस द्वीप की नगरी यहां का राजा रावण था। 2 वर्तमान मं लंका नगरी जो भारत के दक्षिण में स्थित है जिसे श्रीलेका के नाम से जाना जाता है। रावण की लंका यह नही है क्योकि यह लवण समुद्र में थी। Lamka-name of a…
जघन्य पात्र A vowless religious observer with right faith. व्रतरहित सम्यग्दृष्टि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]