मूल क्रिया!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूल क्रिया–Mula Kriya. Fundamental operations or activities. प्रधान आवश्यक कर्म”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूल क्रिया–Mula Kriya. Fundamental operations or activities. प्रधान आवश्यक कर्म”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणाली – Pranaalee. Particular method, System, Water channel, Drain. पद्धति, जलमार्ग, नाली
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघंकरा–Meghankara. A female divinity of the summit of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत के कूट की दिक्कुमारी देवी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रचाला – Prachalaa. Drowsiness (Karmic nature causing drowsiness). दर्शनावरण कर्म का एक भेद; जिसके उदय से प्राणी नींद में भी कुछ जागता है और कुछ सोता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभंग ज्ञान – Vibhamga Jnana. Faise clairvoyance. मिथ्या अवधिज्ञान “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्तादाम–Muktadaam. A type of wreath of pearls. मोतियो से निर्मित मालाये, इन्हें विमानों में लटकाकर उनकी शोबव्रद्धि की जाति है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा द्रव्य वर्गंणा – Bhasha Dravya Vargana. One of the aggregates of karmic molecules; causing formation of speech. १३ पुद्ग्ल स्कंध वर्गंणाओं में एक; इसी से वचन बनते हैं, एक-एक वर्गणा में अनंत परमाणु होते हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:सूक्तियां ]] [[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मनुष्य : == मण्णंति जदा णिच्चं मणेण णिउणा जदो दु ये जीवा। मण उक्कडा य जम्हा तम्हा ते माणुसा भणिया।। —पंचसंग्रह : १-६२ वे मनुष्य कहलाते हैं जो मन के द्वारा नित्य ही हेय—उपादेय, तत्त्व—अतत्त्व तथा धर्म—अधर्म का विचार करते हैं, कार्य…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव लोभ विवेक – Bhava Lobha Viveka. Wisdom of abstinence from delusion or greed. यह मेरा है’ इस तरह की मोह्जन्य परिणति को न होने देना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यसिद्ध – Manushyasiddha. Those salvated from human destinity. मनुष्य गति से सिद्ध होने वाले जीव अल्पबहुत्व की अपेक्षा ये संख्यात गुणे है “