ग्रीवोर्ध्वनयन!
ग्रीवोर्ध्वनयन An infraction in the posture of meditation, raising head upward. कायोत्सर्ग का एक अतिचार ; ग्रीवा को ऊपर उठाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्रीवोर्ध्वनयन An infraction in the posture of meditation, raising head upward. कायोत्सर्ग का एक अतिचार ; ग्रीवा को ऊपर उठाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तच्छद – Saptacchada. Name of the initiation & omniscience tree of Lord Ajitnath & Dharmanath. 7 पत्रों के स्तंबको से युक्त एक वृक्ष, सप्तपर्ण का अपरनाम। तीर्थकर अजितनाथ एवं धर्मनाथ ने इसी वृक्ष के नीचे दीक्षा ली थी और केवलज्ञान प्राप्त किया था।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मानुभूति – Shuddhaatmaanubhooti. The supreme experience or intuition. विशुद्ध आत्मा का ज्ञान अर्थात आत्मज्ञान ” देखें – शुद्धात्मज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्निकर्ष – Sannikarsha. Drawing near, close together, another name of Dvadshnag Shrutgyan (12 parts of scriptural knowledge). इन्द्रिय का विषय से संबंध, समीप लाना-सामीप्य, प्रवचन सन्निकर्ष, श्रुतज्ञान का अपरनाम। जिसमे वचन सन्निकृष्ट होते है, वह प्रवचन सन्निकर्ष रुप मे प्रसिद्व द्वादशांग श्रुतज्ञान है। जद्यन्य व उत्कृष्ट भेद रुप द्रव्य, क्षेत्र, काल एवं भावांे मे…
गुणहानि आयाम Number of instant in one Gunahani. एक गुणहानि के समय के समूह को गुणहानि आयाम कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुरुमूढ़ता Belief in false preceptor of spiritual teachers. हिन्सादि पाप क्रियाओं में एवं आरम्भ परिग्रह में लिप्त रहने वाले साधुओं को गुरु मानकर उनकी भक्ति , वंदना , प्रशंसा आदि करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणसमुदाय Accumulation of virtues (related to matters). द्रव्य का लक्षण. गुणों का समुदाय द्रव्य होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदरपुर: Name of the birth city of 7th Pratinarayan ‘Prahran’. 7वें प्रतिनारायण ‘प्रहरण’ की जन्म नगरी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संघातिम – Sanghaatima. Artificial structures constructed with mixed materials. काष्ठ, ईंट और पत्थर आदि की संघातन क्रिया से सिद्ध हुए कृत्रिम जिनभवन, ग्रह, प्राकार और स्तूप आदि द्रव्य संघातिम कहलाते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंडप: The last (8th) land of Samavasharan having 12 division for the sitting of different types of listeners. Generic term for hall in Lord’s assembly which may be open or closed. समवशरण की अंतिम आठवीं श्रीमंडप भूमि जिसमे 16 दीवारें व उनके बीच 12 कोठे हैं ” पूर्व दिशा को आदि कर के…